बदायूं: दरगाहे आलिया कादरिया पर शानो-शौकत के साथ मनाया गया उर्स 

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Edited By Amrit Vichar
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बदायूं, अमृत विचार: दरगाहे आलिया कादरिया पर हजरत शाह ऐनुल हक मौलाना अब्दुल मजीद कादरी का 183वां, तीन रोजा उर्स शानो-शौकत के साथ मनाया गया। गुरुवार को साहिबे सज्जादा मौलाना अब्दुल गनी मुहम्मद अतीफ मियां कादरी की सरपरस्ती में खानकाह पर कुल की रस्म अदा की गई। मौलाना फजले रसूल मोहम्मद अज्जाम मियां कादरी की निगरानी में उर्स हुआ। उलमा-ए-कराम ने नातो-मनकबत पेश की। मुहब्बत और अकीदत का नजराना लेकर अकीदतमंद उर्स में हाजिर हुए। फातिहा हुई। सबकी सलामती, तरक्की और खुशहाली के लिए दुआ में हाथ उठे। 

इससे पहले बुधवार की रातभर कादरी मजीदी कांफ्रेंस की महफिल सजी रही। कारी फरमान कादरी ने कुरान की तिलावत के साथ आगाज किया। मारहरा की मशहूर खानकाह आलिया बरकातिया से सैयद नजीब हैदर कादरी-नजीब की सदारत में नामवर उलमा ने तकरीर की। सर्द रात में दीनी तालिमात का पैगाम आम होता रहा। निजामत अहमद सईद कादरी ने की। 

यहां मदरसा कादरिया से हाफिज और आलिम की पढ़ाई पूरी करने वाले छात्रों की दस्तारबंदी की गई। गुलाम सिबतैन कादरी और अब्दुल हन्नान कादरी ने रूहानी अंदाज में तराना अहले सुन्नत, अहले सुन्नत सलामत रहे, पेश किया। साहिबे सज्जादा ने सबके हक में दुआ की। गुरुवार को फज्र की नमाज के बाद कुल शरीफ हुआ। जिला काजी और साहिबे सज्जादा ने मुल्क में अमन-चैन और शांति की दुआ की तो उनके साथ हजारों हाथ उठे। जायरीन की खिदमत के लिए यहां लंगर आम किए गए थे। शहीदे बगदाद वेलफेयर फाउंडेशन ट्रस्ट ने लंगर के साथ हेल्प कैंप भी लगाया। 

पूर्व मंत्री ने मांगी देश की तरक्की की दुआ
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय सचिव और पूर्व मंत्री आबिद रजा दरगाहे आलिया कादरिया पहुंचे। चादरपोशी कर दुआ की और कुल शरीफ में शरीक हुए। उर्स में आने वाले जायरीन से बातचीत की।

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