कन्नौज में सड़क हादसे में आठ लोगों की मौत का मामला: कंपनी ताला डालकर हो गई फरार, परिजनों ने किया हंगामा

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Edited By Amrit Vichar
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कन्नौज, अमृत विचार। आगरा लखनऊ एक्सप्रेस-वे पर शुक्रवार को स्लीपर बस और टैंकर की भिड़ंत में आठ लोगों की मौत हो गई थी। घटना के बाद आरजीबीईएल कंपनी के अधिकारी कैंप में ताला डालकर फरार हो गए। वहीं टैंकर चालक का शव लेकर पहुंचे परिजनों समेत ग्रामीणों ने मुआवजे की मांग करते हुए जमकर हंगामा किया। सूचना मिलते ही एसडीएम समेत कई थानों की पुलिस पहुंच गई। मुआवजा मिलने के बाद लगभग 3:30 घंटे बाद शव उठाया गया।

सौरिख थानाक्षेत्र के नगला सरदार गांव निवासी ऋषि यादव पुत्र अरविंद कुमार शुक्रवार को आरजीबीईएल कंपनी का टैंकर लेकर उन लोगों के साथ एक्सप्रेस वे पर लगे पौधों में पानी डालने गया था। जैसे ही सकरावा थानाक्षेत्र के किलोमीटर 141 पर पहुंचा। 

तभी लखनऊ की तरफ से आई तेज रफ्तार अनियंत्रित स्लीपर बस में टैंकर में टक्कर मार दी। जिससे बस और टैंकर दोनों पलट गए। हादसे में बस चालक, टैंकर चालक समेत 8 लोगों की मौत हुई थी। जबकि दो दर्जन से अधिक लोग घायल हुए थे। 

हादसा होते ही आरजीबीईएल कंपनी के अधिकारी समेत कर्मचारी कैंप कार्यालय में ताला डालकर फरार हो गए। शनिवार को पोस्टमार्टम के उपरांत ऋषि यादव के परिजन समेत भारी संख्या में ग्रामीण 12 बजे शव कैंप लेकर पहुंच गए और ताला देखकर उत्तेजित हो गए और हंगामा शुरू कर दिया। 

जानकारी होते ही एसडीएम उमाकांत तिवारी, प्रभारी निरीक्षक जयप्रकाश शर्मा, थानाध्यक्ष प्रमोद कुमार तिवारी, यूपीडा सुरक्षा अधिकारी मनोहर सिंह, भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गए और उत्तेजित लोगों को समझाने का प्रयास करने लगे।

यूपीडा के उच्च अधिकारियों के हस्तक्षेप से मौके पर पहुंचे कंपनी के डिप्टी प्रोजेक्ट मैनेजर संजीव कुमार तोमर ने कंपनी के मालिक से बात करते हुए 6 लाख देने की बात कही। जबकि एक लाख ठेकेदार द्वारा देने की बात कही गई है। आश्वासन मिलने पर ग्रामीण शांति हुए और समय करीब 3:40 पर शव को गांव ले गए और अंतिम संस्कार कर दिया।

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