अपहरण कर किया दुराचार, अदालत काआदेश- SC-ST एक्ट के तहत थानाध्यक्ष दुबग्गा करें कार्यवाही
लखनऊ, अमृत विचार: अनुसूचित जाति की महिला का अपहरण कर उसके साथ बारी-बारी से दुराचार करने के मामले में अनुसूचित जाति जनजाति निवारण अधिनियम के विशेष न्यायाधीश दिनेश कुमार मिश्रा ने थानाध्यक्ष दुबग्गा को आदेश दिया है कि वह एससीएसटी एक्ट के नियम पांच का अनुपालन सुनिश्चित करते हुए कृत कार्रवाई से न्यायालय को अवगत कराए। अदालत ने आदेश की प्रति पुलिस उपायुक्त पश्चिमी को भी इस प्रकरण में कार्यवाही के लिए भेजे जाने का आदेश दिया है ।
पीड़िता की ओर से दी गई अर्जी पर अधिवक्ता अश्विनी कुमार मिश्रा का तर्क था कि पीड़िता गरीबी के कारण हाई स्कूल की परीक्षा पास करने के बाद गत पांच अप्रैल को अपोलाल मेडिमेक्स अस्पताल में काम के लिए गई थी। जहां पर साक्षात्कार होने के बाद उसको काम के लिए बुलाया गया था। अदालत को बताया गया कि गत 20 अप्रैल 2024 को सुबह पीड़िता अपने घर से पैदल चलकर बस से जा रही थी तभी उसने देखा कि गांव के ही रहने वाले आरोपी प्रमोद व अवधेश बस में बैठ गए हैं तथा वह लोग आपस में फोटो खींच रहे हैं और किसी से मोबाइल पर बात कर रहे हैं।
अदालत में दी गई अर्जी के माध्यम से कहा गया है कि करीब 7:45 बजे पीड़िता जब बस से उतर कर दुबग्गा से ऑटो पकड़ने के लिए जा रही थी तभी किसी ने पीछे से उसके मुंह पर रुमाल रख दिया और दोनों आरोपी पकड़ कर धक्का देकर उसे चौपाइयां गाड़ी में बैठा लिया। कहा गया है कि इस गाड़ी को आरोपी वीरेंद्र चल रहा था।कहा गया है कि काफी विरोध करने के बावजूद यह लोग एक जंगल जैसी जगह पर ले गए। जहां पर उसके साथ मारपीट की तथा अश्लील हरकतें करते हुए बारी-बारी से उसके साथ दुष्कर्म किया तथा मोबाइल से वीडियो भी बनाया। यह भी आरोप है कि आरोपियों ने पीड़िता के पास मौजूद पासबुक, आधार कार्ड सीवी, पुलिस सत्यापन रसीद और हाई स्कूल की मार्कशीट छीन लिया तथा धमकी दी कि अगर किसी से बताया गया, तो वीडियो को वायरल कर दिया जाएगा।
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