अब स्पुतनिक-वी
खबर है कि कोरोना वायरस की रूसी वैक्सीन स्पुतनिक-वी की पहली खेप अपने देश में आ गई है। अब इसका क्लिनिकल ट्रायल शुरू किया जाएगा। बताया जा रहा है कि अपने देश की दिग्गज फार्मा कंपनी के डॉ. रेड्डीज यहां इस वैक्सीन का दूसरे और तीसरे चरण का अडेप्टिव क्लिनिकल ट्रायल शुरू करेंगे। इस कंपनी …
खबर है कि कोरोना वायरस की रूसी वैक्सीन स्पुतनिक-वी की पहली खेप अपने देश में आ गई है। अब इसका क्लिनिकल ट्रायल शुरू किया जाएगा। बताया जा रहा है कि अपने देश की दिग्गज फार्मा कंपनी के डॉ. रेड्डीज यहां इस वैक्सीन का दूसरे और तीसरे चरण का अडेप्टिव क्लिनिकल ट्रायल शुरू करेंगे। इस कंपनी को कोरोना वैक्सीन के भारत में ह्यूमन ट्रायल की अनुमति मिल चुकी है।
डॉ. रेड्डीज और स्पुतनिक-वी के वाहन से उतारे जा रहे छोटे कंटेनरों का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते दिखाया गया। कोरोना महामारी के बीच यह एक सुखद और राहत देने वाली खबर है। वजह यह है कि गामाले नेशनल रिसर्च इंस्टीट्यूट ऑफ एपिडेमियोलॉजी एंड माइक्रोबायोलॉजी और रूसी डायरेक्ट इनवेस्टमेंट फंड (आरडीआईएफ) ने घोषणा की थी कि स्पूतनिक -वी वैक्सीन को कोविड-19 के खिलाफ लोगों की सुरक्षा में 92 प्रतिशत तक प्रभावी पाया गया है। जाहिर है कि यह रूसी वैक्सीन कोरोना संक्रमण फैलने से रोकने के कारगर उपाय बनेगी।
वैसे, हमारे देश में भी कोरोना वैक्सीन निर्माण पर बड़ा काम काफी समय से चल रहा है। कई चरण में इसके ट्रायल हो चुके हैं और यह ट्रायल अंतिम चरण में बताए जा रहे हैं। पिछले दिनों खबर थी कि जनवरी-फरवरी तक अपने देश में वैक्सीन पूरी तरह से तैयार हो जाएगी। हालांकि अभी बहुत कुछ अनिश्चित है।
इस बीच अपने देश में रूसी वैक्सीन का ट्रायल इसलिए सुकून देने वाली बात है क्योंकि विशेषज्ञ कह रहे हैं कि कोरोना वायरस अपने रूप बदल रहा है और कोई भी वैक्सीन इसे रोकने के लिए शत-प्रतिशत कारगर नहीं हो सकती। चूंकि रूस दावा कर चुका है कि उसकी वैक्सीन काफी हद तक कारगर हो सकती है, ऐसे में उसको अपने देश में परखना बेहतर उपाय है। एक जानकारी के मुताबिक सितंबर में डॉ. रेड्डी ने भारत में स्पुतनिक-वी के क्लिनिकल ट्रायल के संचालन और यहां इसके वितरण के लिए आरडीआईएफ के साथ साझेदारी की। साझेदारी में आरडीआईएफ डॉ. रेड्डी को विनियामक अनुमोदन पर वैक्सीन की 10 करोड़ खुराक की आपूर्ति करेगा।
हम सबकी जिम्मेदारी है कि सभी लोग कोरोना संक्रमण को लेकर बचाव के अपने उपायों को जारी रखें। देश में कोरोना वायरस के एक्टिव मामले भले ही लगातार कम हो रहे हैं लेकिन रोजाना आने वाले नए कोरोना मामले चिंता का कारण बने हुए हैं। पिछले 24 घंटों के दौरान ही देश में 47,905 नए केस सामने आए हैं।
