पीलीभीत: पीटीआर में घुसा था मंत्री का काफिला, अब एनटीसीए ने मांगी रिपोर्ट

Amrit Vichar Network
Edited By Pradeep Kumar
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एनटीसीए के डीआईजी ने यूपी के पीसीसीएफ वाइल्ड लाइफ से रिपोर्ट तलब की है

पीलीभीत, अमृत विचार। पीलीभीत टाइगर रिजर्व के प्रतिबंधित क्षेत्र में राज्यमंत्री के काफिले दौड़ने का मामला अब तूल पकड़ता नजर आ रहा है। राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण के डीआईजी ने उत्तर प्रदेश के प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) से पूरे मामले की रिपोर्ट तलब की है। इधर प्रधान मुख्य संरक्षक (वन्यजीव) ने अब पीलीभीत टाइगर रिजर्व के फील्ड डायरेक्टर से रिपोर्ट देने के निर्देश दिए हैं।

बीते रविवार को सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ था। वायरल वीडियो में जंगल के भीतर स्कॉट के साथ लाल बत्ती लगी गाड़ी के साथ गाड़ियों को काफिला गुजरते दिखाया गया था। इसमें सबसे आगे स्कॉर्ट, मंत्री की गाड़ी, उसके पीछ़े एक अन्य स्कॉर्ट और फिर उसके पीछे दो काले रंग की कारें चलती दिखाई दे रही थी। बताया गया कि वीडिया बीते शनिवार शाम का था और वायरल वीडियो में काफिला प्रदेश के गन्ना राज्यमंत्री संजय सिंह गंगवार का बताया गया। राज्यमंत्री बीते शनिवार को किसी कार्यक्रम में शिरकत करने पीलीभीत टाइगर रिजर्व की महोफ रेंज स्थित चूका बीच गए थे। वापसी के दौरान उनका काफिला मुस्तफाबाद से जंगल मार्ग होते हुए महोफ पहुंचा था। इसी जंगल मार्ग पर किसी ने काफिले का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। बताते हैं कि स्थानीय वन अफसरों ने आपत्ति भी जताई थी मगर काफिला चूका बीच पहुंचा और चूका बीच से महोफ होता वापस भी आ गया। वन अफसरों ने भी इस बात की पुष्टि की थी और मामले से उच्चाधिकारियों को भी अवगत करा दिया गया था। इधर वीडियो वायरल होने के बाद मामला सुर्खियां बन गया। इस मामले में आजाद अधिकार सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमिताभ ठाकुर ने वन्य अधिनियम की धज्जियां उड़ाना बताते हुए एफआईआर दर्ज कर मंत्रिमंडल से बर्खास्त किए जाने की मांग की थी।

इधर अब राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (एनटीसीए) के डिप्टी डायरेक्टर जनरल वैभव चंद्रा ने प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) सुनील चौधरी से इस पूरे मामले की रिपोर्ट तलब की है। बताते हैं कि प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) सुनील चौधरी ने एनटीसीए द्वारा मामले की रिपोर्ट मांगने का हवाला देते हुए इसे पूरे प्रकरण के संबंध में विस्तृत रिपोर्ट देने के निर्देश दिए हैं। वन अफसरों ने इसकी पुष्टि की है। ऐसे में अब पीलीभीत टाइगर रिजर्व के प्रतिबंधित क्षेत्र में राज्यमंत्री का काफिला दौड़ने का मामला तूल पकड़ता नजर आ रहा है।

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