हल्द्वानी: धनतेरस पर ऑटोमोबाइल और इलेक्ट्रानिक सेक्टर पर हुई धनवर्षा

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Edited By Amrit Vichar
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हल्द्वानी,अमृत विचार। कोरोना महामारी के मद्देनजर दिवाली के पर्व कारोबार में तेजी दिखाई दी। ऑटो मोबाइल्स, इलेक्ट्रानिक्स सेक्टर में धन वर्षा हुई जबकि सोना चांदी का कारोबार तेजी नहीं पकड़ सका। वहीं आतिशबाजी में भी धूमधड़ाका नहीं हो सका। शुक्रवार को धनतेरस व छोटी दिवाली के पर्व के मद्देनजर बाजार सुबह से ही सज गए …

हल्द्वानी,अमृत विचार। कोरोना महामारी के मद्देनजर दिवाली के पर्व कारोबार में तेजी दिखाई दी। ऑटो मोबाइल्स, इलेक्ट्रानिक्स सेक्टर में धन वर्षा हुई जबकि सोना चांदी का कारोबार तेजी नहीं पकड़ सका। वहीं आतिशबाजी में भी धूमधड़ाका नहीं हो सका।

शुक्रवार को धनतेरस व छोटी दिवाली के पर्व के मद्देनजर बाजार सुबह से ही सज गए थे। दोपहर के बाद बाजार की रौनक बड़ी तो व्यापारियों के चेहरों पर उम्मीद की रौनक दिखाई दी। बर्तन बाजार में लोगों की भीड़़ काफी नजर आयी। हालांकि कारोबारियों की माने तो इस बार धंधा अपेक्षाकृत काफी कम रहा। लोग बाजार तक तो पहुंचे मगर केवल विंडो शॉपिंग करने।

इधर परिवहन विभाग के आंकड़ों के अनुसार धनतेरस पर कार और दोपहिया वाहनों की जमकर बिक्री हुई। जिले में एक दिन में ही 250-300 वाहन बिक गए जबकि 700 से ज्यादा दो पहिया वाहनों की बिक्री हुई। यही हाल इलेक्ट्रानिक्स एलईडी टीवी, फ्रिज, एसी, वाशिंग मशीन, माइक्रोवेव अवन और मोबाइल की रही। हल्द्वानी में 5 और जिले में 6 करोड़ का कारोबार होने का अनुमान है। हालांकि सोने चांदी के बाजार में इस बार मंदी रही।

सर्राफा कारोबारियों के मुताबिक इस बार कोरोना की वजह से कारोबार ठप रहा, जिन घरों में शादी है सिर्फ वही लोग दुकानों पर जरूरत के जेवर बनवाने पहुँचे। सोने की अपेक्षा चांदी के आभूषणों की ज्यादा बिक्री हुई। सर्राफा कारोबारियों की मानें तो केवल तीस फीसदी ही बिक्री हुई है।

डॉग स्क्वाड से हुई चेकिंग
त्योहार के मद्देनजर पुलिस-प्रशासन अलर्ट पर था। बाजार में चप्पे-चप्पे पर पुलिस तैनात रही। वहीं डॉग स्क्वॉयड और बम निरोधक दस्ते ने सार्वजनिक स्थानों बाजार, रोडवेज, रेलवे स्टेशन और मंदिरों में चेकिंग अभियान चलाया।

कलकत्ता का कमल न मिलने से लोग निराश
लक्ष्मी पूजन के लिए कमल का फूल माना जाता है । फूल मंडी के नाम से जाना वाला शहर का एक मात्र मंगल पड़ाव क्षेत्र सुबह से ही गुलजार नजर आया। गेंदे के बाद सबसे ज्यादा मांग कमल की फूल की रही। गेंदा जहां सौ रुपये किलो तक बिका वहीं कमल का फूल 40 रुपये प्रति स्टिक बिका। फूल कारोबारी जाकिर हुसैन के मुताबिक इस बार कलकत्ता का कमल हल्द्वानी नहीं पहुँच पाया साथ ही जो कुछ आया भी तो वह पर्याप्त नहीं हो पाया। तमाम ग्राहको को निराश होकर लौटना पड़ा।

बसें रही खचाखच, टैक्सी चालकों ने की मनमानी
दिवाली के मद्देनजर घर जाने वालों की वजह से दिल्ली, बरेली, आगरा, लखनऊ रूट पर चलने वाली बसें खचाखच भर कर चली। ट्रेनें नहीं चलने से बसों में यात्रियों का दबाव बढ़ गया। वहीं पर्वतीय रूट पर भी जमकर टैक्सियां चली। पर्व पर टैक्सी चालकों ने भी खूब मनमानी की। नैनीताल, अल्मोड़ा, बागेश्वर और पिथौरागढ़ का प्रति सवारी दो से तीन सौ रूपये अधिक किराया वसूला।

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