सरकारी डॉक्टरों पर कसेगा शिकंजा, नहीं चलेगी प्राइवेट प्रैक्टिस, उच्च न्यायालय की टिप्पणी के बाद जागा प्रशासन

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

निजी नर्सिंग होम की तलब होगी डॉक्टर सूची

लखनऊ, अमृत विचार। सरकारी अस्पतालों में सेवाएं जारी रखते हुए, प्राइवेट प्रैक्टिस करना डॉक्टरों के लिए महंगा पड़ेगा। गुपचुप तरीके से नर्सिंग होम में सर्जरी करने वाले या परामर्श देने वाले चिकित्सकों को खोजकर, कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए जिलों में संचालित नर्सिंग होम व पैथोलॉजी संचालकों द्वारा उपलब्ध करायी गयी संबद्ध चिकित्सकों की सूची के साथ औचक निरीक्षण किया जाएगा।

उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक के निर्देश के बाद रविवार को स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ.रतन पाल सिंह सुमन ने भी सर्कुलर जारी कर दिया है। उन्होंने बताया कि प्राइवेट प्रैक्टिस प्रतिबन्धित है, इसके लिए सरकारी डॉक्टरों के साथ निजी नर्सिंग होम संचालकों को भी घेरा जाएगा। नर्सिंग होम में इलाज उपलब्ध कराने वाले चिकित्सकों की सूची फिर से तलब करने को मुख्य चिकित्सा अधिकारियों से कहा गया है। उप मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार, मरीज भेजकर गोपनीय तरीके से चिकित्सकों की पहचान करायी जाएगी।

डॉ.रतन पाल ने बताया कि अस्पताल के बाहर दवा दुकानदारों व निजी पैथोलॉजी में सरकारी अस्पतालों से पहुंचने वाले पर्चे पर लिखी दवाएं व जांचों से डॉक्टरों की पहचान की जाएगी। मालूम हो कि प्रयागराज में एक मामले की सुनवाई के दौरान उच्च न्यायालय द्वारा सरकारी सेवा में रहते हुए प्राइवेट प्रैक्टिस पर प्रतिबन्ध लगाने के निर्देश दिए गए हैं। जिसके बाद एक बार फिर स्वास्थ्य महकमे और चिकित्सा शिक्षा विभाग में निजी प्रैक्टिस की रोकथाम को लेकर कवायद शुरू हो गयी है।

ये भी पढ़ें- डोनाल्ड ट्रंप के शपथ ग्रहण समारोह में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे विदेश मंत्री एस. जयशंकर

संबंधित समाचार