हल्द्वानी: सुंदरपुर रैक्वाल में मिले गुलदार के पंजों के निशान, ग्रामीणों में दहशत
हल्द्वानी, अमृत विचार। गौलापार में जंगल से सटे गांवों में वन्य जीवों का आतंक कम नहीं होने का नाम नहीं ले रहा है। सुंदरपुर रैक्वाल गांव में हाथियों के बाद अब गुलदार ने दस्तक दे दी है। खेत में गुलदार के पंजों के निशान मिलने के बाद ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। उन्होंने वन …
हल्द्वानी, अमृत विचार। गौलापार में जंगल से सटे गांवों में वन्य जीवों का आतंक कम नहीं होने का नाम नहीं ले रहा है। सुंदरपुर रैक्वाल गांव में हाथियों के बाद अब गुलदार ने दस्तक दे दी है। खेत में गुलदार के पंजों के निशान मिलने के बाद ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। उन्होंने वन विभाग से गश्त बढ़ाने और पिंजड़ा लगाने की मांग की है।
नंदन सिंह रैक्वाल निवासी सुंदरपुर रैक्वाल का गांव से सटा हुआ खेत है। वह बुधवार की सुबह खेत में काम करने के लिए पहुंचे तो उन्हें खेत में गुलदार के पंजों के निशान दिखाई दिए। पंजों के निशान से साफ था कि गुलदार ने खेत में चहल कदमी की है। वहीं खेत में गुलदार के पंजों के निशान की खबर लगते ही ग्रामीण इकट्ठा हो गए। उन्होंने वन विभाग को सूचना दी। सूचना पर हल्द्वानी वन प्रभाग की टीम मौके पर पहुंची और घटना की जानकारी ली। ग्रामीणों ने वन विभाग से गांवों में रात्रि गश्त बढ़ाने और पिंजड़ा लगाने की मांग की है ताकि गुलदार को पकड़ा जा सके।
ग्राम प्रधान नीरज रैक्वाल ने बताया कि गांव में पहले भी गुलदार की आमद होती थी। पिछले कुछ दिनों से गुलदार नहीं दिखाई दिया था। सिर्फ हाथी ही गांव में आते थे तो फसल नष्ट होने की चिंता रहती थी। अब गुलदार के आने से ग्रामीणों में जान पर खतरा दिखाई दे रहा है। उन्होंने कहा कि वन विभाग को मानव-वन्य जीव संघर्ष रोकने के लिए कड़े कदम उठाने चाहिए। सिर्फ कागजी दावों से काम नहीं चलेगा।
“सुंदरपुर रैक्वाल गांव में गुलदार की आमद की सूचना है। वहां पर गश्त बढ़ाईजा रही है। साथ ही ग्रामीणों से भी अपील है कि शाम को अंधेरा होने पर घर से सिर्फ जरूरी काम पर ही निकलें।” -कुंदन कुमार, डीएफओ, हल्द्वानी वन प्रभाग
