कुमाऊं के सबसे बड़े अस्पताल में डॉक्टरों की कमी

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Edited By Amrit Vichar
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-डॉक्टरों की कमी होने से मरीजों को किया जा रहा है रेफर -अस्पताल में कम डॉक्टरों पर ज्यादा मरीजों का भा

हल्द्वानी, अमृत विचार: कुमाऊं के सबसे बड़े डॉ. सुशीला तिवारी अस्पताल में डॉक्टरों की कमी है। इनमें सुपर स्पेशलिस्ट डॉक्टर भी शामिल हैं। अस्पताल की आईपीडी और ओपीडी में मरीजों की भीड़ रहती है। बेहद की कम डॉक्टरों से अस्पताल में मरीजों का उपचार किया जा रहा है। जिस वजह से स्वास्थ्य सेवाएं भी प्रभावित हो रहीं हैं।


एसटीएच में मेडिसन विभाग में डॉक्टरों की कमी है। एक वरिष्ठ फिजिशियन का विगत दिनों देहरादून तबादला कर दिया गया था। बाल रोग विभाग में भी दो सीनियर डॉक्टर हैं जबकि एसटीएच के बाल रोग वार्ड की ओपीडी और आईपीडी में मरीजों की भीड़ रहती है। मनोचिकित्सा विभाग में भी यही हाल है। अब यहां केवल एक ही सीनियर डॉक्टर रह गईं हैं। विगत माह एक साथ तीन डॉक्टरों ने मनोचिकित्सा विभाग छोड़ दिया था। यही हाल न्यूरोसर्जरी, आर्थोपेडिक्स आदि विभागों का है। यहां भी डॉक्टरों की भारी कमी है। राजकीय मेडिकल कॉलेज के अनुसार विभिन्न विभागों में डॉक्टरों के करीब 90 पद खाली चल रहे हैं। अस्पताल में ओपीडी में प्रतिदिन औसतन 1500 मरीज आते हैं जबकि आईपीडी में करीब 400 मरीज भर्ती रहते हैं।

कम डॉक्टरों की वजह से एक ही डॉक्टर को कई मरीजों का उपचार करना पड़ता है। यह हाल तब है कि जब मेडिकल कॉलेज में सुपर स्पेशलिस्ट डॉक्टर का मानदेय बढ़ाकर 4.20 लाख रुपये प्रतिमाह कर दिया गया है। रेडियोलॉजी विभाग को भी सुपर स्पेशलिस्ट में शामिल किया गया है। तब भी डॉक्टरों की कमी है। प्राचार्य डॉ. अरुण जोशी ने बताया कि डॉक्टरों की नियुक्ति को लेकर प्रयास किए जा रहे हैं। शीघ्र ही साक्षात्कार आयोजित किए जाएंगे। 

बेस अस्पताल में भी यही हाल
हल्द्वानी। सोबन सिंह जीना बेस अस्पताल में भी यही हाल है। यहां डॉक्टर नहीं होने से नौ बेड का आईसीयू अभी तक शुरू नहीं हो पाया है। हालांकि राहत की बात है कि अस्पताल के फिजिशियन और बाल रोग विभाग में डॉक्टरों की संख्या पर्याप्त है लेकिन त्वचा रोग विभाग, सर्जरी विभाग और हड्डी रोग विभाग में डॉक्टरों की कमी है। यहां अगर कोई डॉक्टर छुट्टी जाता है तो ओपीडी ही बंद करनी पड़ती है। बेस अस्पताल में भी एक दिन में 700 से 1000 मरीजों की ओपीडी रहती है। डॉक्टरों की कमी से यहां कई जरूरी सेवाएं बंद चल रहीं हैं। 

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