Kanpur: रेलवे के आरक्षण काउंटरों पर लगेगा फिंगरप्रिंट और बायोमीट्रिक सिस्टम, अंगुली का निशान बताएगा दलालों की पहचान
कानपुर, अमृत विचार। रेलवे टिकटों में की जा रही बड़े पैमाने पर दलाली को रोकने के लिए रेलवे अब आरक्षण केंद्रों पर फिंगरप्रिंट और बायोमीट्रिक सिस्टम लगाने की तैयारी में है। इसके बाद एक ही पते पर अधिक संख्या में आरक्षण टिकट बनवाए जाएंगे तो आरक्षण कंप्यूटर इस साइट को ही लॉक कर देगा। भारतीय रेलवे टिकट प्रणाली में टिकट दलाली और कालाबाजारी की समस्या एक बड़ी चुनौती है।
इससे रेलवे को राजस्व में मोटी चपत लगती है। उत्तर मध्य जोन के वरिष्ठ जनसंपर्क अधिकारी अमिल मालवीय ने बताया कि टिकट बुकिंग को बायोमीट्रिक डेटा से जोड़ने से यात्रियों का सत्यापन सुनिश्चित होगा। इसी प्रकार आरक्षण बुकिंग काउंटरों पर बायोमीट्रिक, फिंगरप्रिंट की व्यवस्था की जाएगी। एआई सिस्टम आरक्षण बुकिंग की जांच करेगा ताकि दलाली गतिविधियों की विसंगतियों की पहचान की जा सके। आरक्षण काउंटर पर लगे सीसीटीवी कैमरे में भी दलालों की पहचान की जाएगी। लर्निंग एल्गोरिदम मशीन काउंटरों पर संदिग्ध के लेनदेन का पता लगाएगा और उसे ब्लॉक कर देगा।
साइबर सेल अत्याधुनिक सॉफ्टवेयर से लैस
आरपीएफ ने अपने साइबर सेल को अत्याधुनिक सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर सेलैस किया है ताकि टिकटिंग सिंडिकेट को प्रभावी ढंग से ट्रैक और नष्ट किया जा सके। आरपीएफ संदिग्ध खातों की पहचान करने और उन्हें निष्क्रिय करने के लिए भारतीय रेलवे खानपान और पर्यटन निगम (आईआरसीटीसी) के साथ मिलकर काम कर रहा है। इस पहल का उद्देश्य एजेंट और व्यक्तिगत उपयोगकर्ता आईडी दोनों के दुरुपयोग को रोकना है, जिससे अधिक सुरक्षित और पारदर्शी टिकटिंग प्रणाली सुनिश्चित हो सके।
