दिल्ली में कोरोना
दिल्ली में 1 से 16 नवंबर के बीच कोरोना वायरस के 1,01,070 नए मामले दर्ज किए गए और करीब 1,202 संक्रमितों की मृत्यु हो गई। 1 नवंबर को संक्रमण के 5,664 मामले सामने आए थे जो 11 नवंबर को बढ़कर 8,593 हो गए। यह एक दिन में संक्रमण के मामलों का सर्वाधिक आंकड़ा है। आंकड़ों …
दिल्ली में 1 से 16 नवंबर के बीच कोरोना वायरस के 1,01,070 नए मामले दर्ज किए गए और करीब 1,202 संक्रमितों की मृत्यु हो गई। 1 नवंबर को संक्रमण के 5,664 मामले सामने आए थे जो 11 नवंबर को बढ़कर 8,593 हो गए। यह एक दिन में संक्रमण के मामलों का सर्वाधिक आंकड़ा है। आंकड़ों के अनुसार राजधानी में 1 अक्टूबर से 15 अक्टूबर तक संक्रमण के 41,316 मामले सामने आए थे, जबकि 563 संक्रमितों ने दम तोड़ दिया था। वहीं 16 से 31 अक्टूबर तक संक्रमण के 65,675 मामले सामने आए और 587 लोगों की संक्रमण से मौत हो गई।
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में 28 अक्टूबर से कोरोना वायरस के मामलों में अचानक इजाफा देखा गया है। उस दिन पहली बार संक्रमण के दैनिक मामलों की संख्या 5,000 से अधिक हो गई और 11 नवंबर को रोजाना के मामलों की संख्या 8,000 के पार चली गई। दिल्ली में 12 नवंबर को संक्रमण से 104 लोगों की मृत्यु हो गई जो पांच महीने से अधिक समय में संक्रमण से एक दिन में मौत का सर्वाधिक आंकड़ा रहा।
राष्ट्रीय राजधानी में कोरोना की रफ्तार बढ़ने के बाद चिंता स्वाभाविक हो चली है। विशेषज्ञ इसे कोरोना की अगली लहर बताने लगे हैं। ऐसे में, दिल्ली में फिर से लाॅकडाउन लगाने की बात उठने लगी है। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने तो इसकी पैरवी भी कर दी। हालांकि अभी केंद्र सरकार ने ऐसा निर्णय नहीं लिया है। दिल्ली में कोरोना संक्रमण फैलने से रोकने के लिए सार्वजनिक व सामूिहक आयोजनों पर रोकथाम की बात की जा रही है। न्यायालय भी सख्त है और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आईसीएमआर को निर्देश दिया है कि वो 20 मोबाइल टैस्टिंग लैब तैनात करे ताकि घर-घर जांच में दिल्ली सरकार की मदद हो सके।
आदेश के अनुसार आईसीएमआर को चरण-दर-चरण कुल 20 हजार टेस्ट की क्षमता हासिल करनी है। स्वास्थ्य सेवाओं को और दुरुस्त किए जाने के प्रयास किए जा रहे हैं। दिल्ली में कोरोना की बढ़ती रफ्तार सिर्फ राष्ट्रीय राजधानी के लिए ही नहीं पूरे देश के लिए भी चिंता की बात है। अगर दिल्ली में केस बढ़ते हैं तो निश्चित है कि इसका असर देश के अन्य राज्यों में भी देखने को मिलेगा। यह किसी से छुपा नहीं है िक कुछ महीनों पहले किए गए लॉकडाउन ने सबकुछ चौपट कर दिया था। उद्योग-धंधे तो अभी भी उबर नहीं पाए हैं। व्यापार-बाजार भी बेहद प्रभावित हुआ था और जनजीवन थम सा गया। ऐसे में, समझदारी इसी में है कि हम सब कोरोना संक्रमण फैलने से रोकने के सारे उपाय करें।
