ममता कुलकर्णी ने धारण किया भगवा तो मचा घमासान, हिमांगी सखी ने जताई नाराजगी, कहा- एक स्त्री को कैसे किन्नर अखाड़े ने...

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प्रयागराज। महाकुंभ पहुंची बॉलीवुड की पूर्व अभिनेत्री ममता कुलकर्णी को किन्नर अखाड़ा ने शुक्रवार को दीक्षा देकर महामंडलेश्वर बना दिया। अब उन्हें श्री यामाई ममतानंद गिरि के नाम से जाना जाएगा। लेकिन उनके महामंडलेश्वर बनने पर साधु-सांतों में आक्रोश है। किन्नर महामंडलेश्वर हिमांगी सखी ने इस पर आपत्ति जताते हुए पूछा कि किन्नर अखाड़े ने एक स्त्री को महामंडलेश्वर कैसे बना दिया। 

हिमांगी सखी ने अभिनेत्री ममता कुलकर्णी को महामंडलेश्वर बनाए जाने पर सवाल उठाते हुए कहा कि किन्नर अखाड़ा सिर्फ किन्नरों के लिए है, तो फिर एक स्त्री को महामंडलेश्वर क्यों बनाया? अगर इसी तरह हर वर्ग को महामंडलेश्वर बनाना है तो फिर अखाड़े का नाम किन्नर क्यों रखा गया है। 

दरअसल ममता कुलकर्णी शुक्रवार को महाकुंभ में पहुंची और उन्होंने सांसारिक मोह-माया को त्याग कर किन्नर अखाड़े से संन्यास की दीक्षा ली। इससे पहले उन्होंने पूरे विधि विधान के साथ खुद का पिंडदान किया। संगम तट पर ही करीब दो घंटे तक उनके संन्यास की दीक्षा प्रक्रिया हुई। इस दौरान कई बड़े साधु संत और महामंडलेश्वर भी वहां मौजूद रहे। 

महामंडलेश्वर की पदवी मिलने के बाद ममता कुलकर्णी ने कहा कि उन्होंने इसके कड़ी तपस्या की है। वो पिछले 23 सालों से फिल्मों से दूर रही और धार्मिक यात्रा पर रही। उन्होंने कहा कि अब वो कभी बॉलीवुड में वापसी नहीं करेंगी और धर्म के रास्ते पर आगे बढ़ेंगी। 

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