महाकुंभ 2025 : सनातन धर्म संसद में बोले कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर अब मथुरा में भी बने भगवान श्रीकृष्ण का भव्य मंदिर 

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प्रयागराज, अमृत विचार :  महाकुंभ के सेक्टर 16 संगम लोवर मार्ग पश्चिमी पटरी पर स्थित प्रसिद्ध कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर के शिविर में सोमवार को सनातन धर्म संसद का आयोजन किया गया। इस पावन अवसर पर आनंद विभूषित जगतगुरु श्री श्री जी महाराज एवं आनंद विभूषित जगतगुरु श्री राघवाचार्य  महाराज ने प्रसिद्ध कथावाचक  देवकीनंदन ठाकुर महाराज के साथ दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभांरभ किया ।

चतुर्थ सनातन धर्म संसद में सनातन बोर्ड का प्रारूप प्रस्तुत किया गया, जिसे सभी धर्माचार्यों ने स्वीकृति प्रदान की। चतुर्थ सनातन धर्म संसद में पांच प्रमुख मांगें रखी। इसमें पहली मांग थी कि मथुरा में भगवान श्रीकृष्ण का भव्य मंदिर,अयोध्या में श्री राम जन्मभूमि मंदिर की तर्ज पर मथुरा में भी भगवान श्रीकृष्ण का एक दिव्य और भव्य मंदिर का निर्माण किया जाए। यह मंदिर सनातन धर्म के सांस्कृतिक और आध्यात्मिक गौरव का प्रतीक बने। दूसरी मांंग थी कि वैदिक प्रबंधन के अनुसार सभी प्रमुख मंदिरों में पूजा और प्रसाद वितरण की व्यवस्था वैदिक मान्यताओं और परंपराओं के अनुसार की जाए। यह सुनिश्चित किया जाए कि इन प्रथाओं में किसी भी प्रकार का व्यावसायिक हस्तक्षेप न हो। तीसरी मांग थी कि मंदिरों को सरकारी नियंत्रण से मुक्त करना,धार्मिक स्वतंत्रता को प्रोत्साहित करने और सनातन धर्म की परंपराओं की रक्षा के लिए मंदिरों को सरकारी नियंत्रण से मुक्त किया जाए। मंदिरों का प्रबंधन धर्माचार्यों और सनातन धर्म के विद्वानों द्वारा संचालित हो।

कथावाचक
गुरुकुल, गौशाला और औषधालय की स्थापना
प्रत्येक बड़े मंदिर में एक गुरुकुल, गौशाला और औषधालय का संचालन सुनिश्चित किया जाए। गुरुकुल में वैदिक शिक्षा, गौशाला में गोसंरक्षण और औषधालय में आयुर्वेदिक चिकित्सा का प्रबंध हो। यह व्यवस्था समाज के सभी वर्गों को लाभान्वित करेगी। पांचवीं मांग थी कि असहाय परिवारों के धर्मांतरण को रोकने के लिए आर्थिक सहायता आर्थिक रूप से कमजोर और असहाय परिवारों को धर्मांतरण से बचाने के लिए आर्थिक सहायता की व्यवस्था की जाए। उन्हें रोजगार, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं में प्राथमिकता दी जाए ताकि वे अपने धर्म और परंपराओं के प्रति समर्पित रह सकें।

प्रसिद्ध कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर ने सनातन धर्म संसद को संबोधित करते हुए कहा कि यह सनातन धर्म संसद धर्म की रक्षा और पुनर्स्थापना के उद्देश्य से आयोजित की गई है। उन्होंने जोर देकर कहा कि हिंदू संस्कृति और परंपराओं को नष्ट करने के लिए विभिन्न षड्यंत्र किए गए, जिनमें से सबसे बड़ा षड्यंत्र लॉर्ड मैकाले का था। उन्होंने हमारे गुरुकुल प्रणाली को समाप्त कर संस्कृत भाषा को हटाकर अंग्रेजी भाषा थोप दी, जिससे हमारी संस्कृति और शिक्षा प्रणाली को गहरी चोट पहुंची। 

उन्होंने कहा कि एक संस्कारविहीन समाज देश की भलाई नहीं कर सकता। देश के उत्थान के लिए संस्कार अत्यंत आवश्यक हैं, और यह संस्कार हमें हमारे धर्मगुरु, संत, महात्मा, आचार्य और शंकराचार्य प्रदान करते हैं।
उन्होंने कहा कि वक्फ बोर्ड ने  दावा किया है कि जहां महाकुंभ आयोजित हो रहा है, वह भूमि उनकी है, इस पर उन्होंने चिंता जताई कि अगर वक्फ बोर्ड इस तरह से पूरे भारत पर दावा कर दे, तो हिंदू समाज कहां जाएगा, उन्होंने यह सवाल भी उठाया कि यदि पाकिस्तान और बांग्लादेश में हिंदू बोर्ड नहीं हैं, तो भारत में वक्फ बोर्ड की आवश्यकता क्यों है?

भारत के सभी मंदिरों को सरकारी नियंत्रण से मुक्त किया जाना चाहिए। मंदिरों के धन का उपयोग गुरुकुलों के निर्माण के लिए किया जाएगा, जहां गीता, रामायण और महाभारत जैसे धर्मग्रंथों की शिक्षा दी जाएगी। इन आधुनिक गुरुकुलों में धर्म के साथ-साथ कंप्यूटर और आधुनिक विषयों की शिक्षा भी दी जाएगी। इसके अतिरिक्त, मंदिरों की संपत्ति का उपयोग औषधालयों के निर्माण में किया जाएगा ताकि लोगों को स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें।

महाराज श्री ने कहा कि 'लव जिहाद' से हिंदू बहन-बेटियों को बचाने के लिए विशेष कदम उठाए जाएंगे। 
मथुरा में भगवान श्रीकृष्ण जी के भव्य मंदिर का निर्माण किया जाए और केशव देव जी की मूर्ति, जो आगरा की जामा मस्जिद की सीढ़ियों में दबी हुई है, उसे बाहर लाया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि सनातनी बच्चों के विवाह संस्कार केवल सनातनी परिवारों में होने चाहिए। देश में सनातन बोर्ड का गठन हो, जिसमें चारों शंकराचार्य और वैष्णव आचार्य यह तय करेंगे कि पूजा पद्धति कैसी होनी चाहिए। महाराज श्री ने कहा कि यह सरकार का काम नहीं है कि वह हमें बताए कि पूजा कैसे करनी चाहिए। प्रसिद्ध कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर ने सनातन धर्म संसद कार्यक्रम के दौरान भावुक हो गए। उन्होंने  जगद्गुरु को पत्र सौंपते हुए कहा कि वह न पद चाहते हैं, न प्रतिष्ठा चाहते हैं, वह तो बस सुरक्षित हिंदुस्तान चाहते हैं।

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