शाहजहांपुर: छंटनी के खिलाफ फूटा गुस्सा, बिजली संविदाकर्मियों ने दी आंदोलन की चेतावनी

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Edited By Pradeep Kumar
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एसई कार्यालय परिसर में बैठक के दौरान तय की आंदोलन की रणनीति

शाहजहांपुर, अमृत विचार। विद्युत संविदा मजदूर संगठन की बैठक में मध्यांचल विद्युत वितरण निगम की ओर संविदा कर्मियों की 30 प्रतिशत छंटनी के संबंध में जारी आदेश का पुरजोर विरोध करते हुए प्रदर्शन किया। इस दौरान कर्मचारियों ने अधीक्षण अभियंता(एसई) का घेराव कर उन्हें आंदोलन की चेतावनी दी। वहीं एसई ने कर्मचारियों को आश्वस्त किया कि छंटनी न हो, इसका प्रस्ताव मध्यांचल विद्युत वितरण निगम को भेज दिया गया है।
 
अधीक्षण अभियंता कार्यालय परिसर में मंगलवार को आयोजित बैठक में संगठन के प्रांतीय प्रभारी पुनीत राय ने कहा कि प्रबंध निदेशक द्वारा जारी यह तानाशाही आदेश पूरी तरह से अनुचित और असंवेदनशील है। वर्ष 2017 के पुराने आदेश को वर्तमान समय में लागू करना व्यावहारिक नहीं है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 में विद्युत मांग केवल 14 हजार मेगावाट थी, जबकि मौजूदा समय में यह बढ़कर 29 हजार मेगावाट हो चुकी है। इसके बावजूद, संविदा कर्मियों को हटाने का प्रयास किया जा रहा है, जो न्यायोचित नहीं है। संगठन के मध्यांचल अध्यक्ष अशोक कुमार पाल ने कहा कि वर्तमान समय में संविदा कर्मी 8 घंटे के स्थान पर 16-18 घंटे तक कार्य कर रहे हैं। इन कर्मियों को लाइन मेंटेनेंस, बिलिंग, राजस्व वसूली, उपभोक्ताओं की समस्याओं का समाधान, पेड़ों की डालियों की छंटाई, ट्रांसफार्मर का चढ़ाना-उतारना और समय-समय पर ओटीएस जैसी योजनाओं का कार्यभार भी निभाना पड़ रहा है। इसके बावजूद, उन्हें छंटनी का सामना करना पड़ रहा है।

छंटनी का आदेश वापस नहीं हुआ तो करेंगे आंदोलन
प्रदेश अध्यक्ष नवल किशोर सक्सेना ने बताया कि बैठक में निर्णय लिया गया कि यदि छंटनी के आदेश को वापस नहीं लिया गया, तो संगठन विशाल आंदोलन करेगा। यह आंदोलन 10 फरवरी 2025 को एक सत्याग्रह के रूप में आयोजित होगा। संगठन ने जनप्रतिनिधियों से अपील की है कि वे इस गंभीर मुद्दे पर ध्यान दें, अन्यथा मध्यांचल विद्युत वितरण निगम की व्यवस्था अराजकता की ओर बढ़ सकती है। संगठन के मीडिया प्रभारी अरविंद कुमार ने बताया कि भीम आर्मी पार्टी के जिलाध्यक्ष अनिल कुमार ने भी अपना समर्थन देते हुए कहा कि संविदा कर्मियों की छंटनी का विरोध जनहित का मुद्दा है और भीम आर्मी पार्टी इस अन्याय के खिलाफ  संगठन के साथ खड़ी है।

फिर भी छंटनी का दिया जा रहा तर्क
संगठन के प्रांतीय प्रभारी ने कहा कि वर्ष 2017 में संविदा कर्मियों का कार्य केवल लाइन मेंटेनेंस तक सीमित था, जबकि आज उनकी जिम्मेदारियां कई गुना बढ़ चुकी हैं। उन्होंने आंकड़ों के साथ बताया कि 2017 में मध्यांचल विद्युत वितरण निगम के अंतर्गत 58 लाख उपभोक्ता थे, जो अब बढ़कर 1.25 करोड़ हो गए हैं। इसके बावजूद, प्रबंधन पुराने आदेश के आधार पर छंटनी का तर्क दे रहा है। यह आदेश संविदा कर्मियों के प्रति अन्यायपूर्ण है। उन्होंने श्रम विभाग के नियमों का हवाला देते हुए कहा कि कोई भी आउटसोर्स कर्मी 8 घंटे से अधिक कार्य नहीं करेगा, लेकिन पॉवर कॉर्पोरेशन के अधिकारी इन नियमों की धज्जियां उड़ा रहे हैं।

बैठक में ये लोग रहे मौजूद
बैठक में दीपक श्रीवास्तव , मो रफी, राजेश कुमार, मुनीश पाल, शकील अहमद, अशोक सक्सेना, रतनलाल, विवेक सक्सेना, राजकमल, अमर सक्सेना, रईस अहमद, शिव कुमार, पीयूष कुमार, हरगोविंद , परमीत तिवारी, रमेश चंद्र , बनवारी लाल , अवनीश कुमार, अंकित द्विवेदी, ऋषि श्रीवास्तव, साबिर आदि तमाम संविदा कर्मी उपस्थित रहे। अध्यक्षता संगठन के प्रदेश अध्यक्ष नवल किशोर सक्सेना ने की।

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