शीतकाल के लिए बंद हुए बदरीनाथ के कपाट, पांच हजार श्रृद्धालुओं ने किये दर्शन

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देहरादून। उत्तराखंड में हिमालय की पर्वत श्रृंखलाओं पर स्थित बदरीनाथ धाम और श्रीमद्यमहेश्वर धाम के कपाट गुरुवार को अभिजीत मुहूर्त में शीतकाल के लिये बन्द किये गये। इस अवसर पर पांच हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने दर्शन किये। कपाट बंद होने के मौके पर मंदिर को भव्य रूप से पुष्पों से सजाया गया। दानी दाताओं …


देहरादून। उत्तराखंड में हिमालय की पर्वत श्रृंखलाओं पर स्थित बदरीनाथ धाम और श्रीमद्यमहेश्वर धाम के कपाट गुरुवार को अभिजीत मुहूर्त में शीतकाल के लिये बन्द किये गये। इस अवसर पर पांच हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने दर्शन किये। कपाट बंद होने के मौके पर मंदिर को भव्य रूप से पुष्पों से सजाया गया। दानी दाताओं ने भंडारे भी आयोजित किये। सेना की बैंड की सुमधुर लहरियों के बीच तीर्थ यात्रियों ने जय बद्री विशाल के उद्घोष किये।

ब्रह्म मुहुर्त में 4.30 बजे मंदिर खुला। पूजा संपन्न हुई। नित्य भोग के पश्चात मध्याह्न 12.30 बजे आरती शुरू हुई। इसके पश्चात मां लक्ष्मी पूजन शुरू हुआ और अपराह्न एक बजे शयन आरती संपन्न हो गयी। इसके पश्चात मुख्य रावल ईश्वरी प्रसाद नंबूदरी द्वारा कपाट बंद की प्रक्रिया शुरू की गयी। लक्ष्मी माता के मंदिर में आगमन होते ही श्री उद्धव जी एवं श्री कुबेर जी सभा मंडप होते हुये मंदिर प्रांगण पहुंचे। इसी के साथ विभिन्न धार्मिक रस्मों का निर्वहन करते हुए अपराह्न ठीक 3 बजकर 35 मिनट पर बदरीनाथ धाम के कपाट शीतकाल हेतु बंद हो गये।

वहीं, बाबा मद्महेश्वर के जयकारों के बीच ठीक सात बजे प्रात: द्वितीय केदार मद्महेश्वर जी के कपाट शीतकाल के लिए बंद कर दिये गये। इस अवसर पर देवस्थानम बोर्ड के अधिकारी- कर्मचारी, वेदपाठी- पुजारी गण स्थानीय लोग एवं सीमित संख्या में श्रद्धालु जन भी मौजूद रहे।द्वितीय केदार श्री मध्यमहेश्वर मंदिर के कपाट बंद होने के पश्चात श्री मद्महेश्वर जी की उत्सव डोली ने मंदिर की परिक्रमा की तथा प्रथम पड़ाव गौंडार गांव को प्रस्थान किया। कार्य क्रमानुसार 20 नवंबर को मद्महेश्वर जी की उत्सव डोली द्वितीय पड़ाव रांसी, 21 नवंबर को तृतीय पड़ाव गिरिया तथा 22 नवंबर को अपने गद्दीस्थल ओंकारेश्वर मंदिर उखीमठ पहुचेंगे।

इसी दिन परंपरागत रूप से मध्यमहेश्वर मेला आयोजित होगा। इस अवसर पर उत्तराखंड चार धाम देवस्थानम प्रबंधन बोर्ड के अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी बी.डी.सिंह, धर्माधिकारी भुवन उनियाल सहित वेदपाठी, पुजारीगण, हकहकूकधारी जिला प्रशासन पुलिस एवं सेना के अधिकारी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने श्री बदरीनाथ धाम के कपाट बंद होने के अवसर पर अपने संदेश में देश-विदेश के श्रद्धालुओं को बधाई दी है तथा लोक मंगल की कामना की। पर्यटन-धर्मस्व मंत्री सतपाल महाराज ने चारधाम यात्रा के सफल समापन पर बधाई दी।

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