हल्द्वानी: वन्य जीवों के लिए बनेगा ‘मिनी नर्सिंग होम’, ये है पूरी योजना

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हल्द्वानी,अमृत विचार। अब बाघ, हाथी, गुलदार और हिरन वन्य जीवों का भी एक्सरे होगा और खून-यूरिन की जांच भी होगी। ताकि वन्य जीवों को चोट लगने या बीमार पड़ने पर उनकी बीमारी का पता लगाकर इलाज किया जा सके। यानी कि वन्य जीवों के लिए मिनी नर्सिंग होम की सुविधा दी जाएगी। वन विभाग के …

हल्द्वानी,अमृत विचार। अब बाघ, हाथी, गुलदार और हिरन वन्य जीवों का भी एक्सरे होगा और खून-यूरिन की जांच भी होगी। ताकि वन्य जीवों को चोट लगने या बीमार पड़ने पर उनकी बीमारी का पता लगाकर इलाज किया जा सके। यानी कि वन्य जीवों के लिए मिनी नर्सिंग होम की सुविधा दी जाएगी।

वन विभाग के अनुसार कुमाऊं में पहली बार रानीबाग रेस्क्यू सेंटर नैनीताल में 20 लाख रुपये की लागत मोबाइल एक्स रे मशीन लगाने की योजना है। इस मोबाइल एक्सरे से ये फायदा होगा कि पहाड़ियों से गिरने, वाहनों से टकराने या आपसी संघर्ष में घायल हुए वन्य जीवों की चोट का पता लगा उचित इलाज कराया जाएगा। अभी तक मोबाइल एक्सरे नहीं होने से चोट को डाइग्नोस करने में काफी परेशानी होती है।

इसी तरह खून व यूरिन की जांच के लिए ऑटो एनलाइजर्स मशीन लगाई जाएगी। 12-15 लाख रुपये की लागत से आने वाले एनलाइजर्स से ये फायदा होगा कि कुछ ही समय में वन्य जीव के खून व यूरिन के सैंपल से गंभीर बीमारियों का पता चल जाएगा और उनका उपचार किया जाएगा।अभी तक इनका सैंपल जांच के लिए आईवीआरआई बरेली और एफआरआई देहरादून भेजना होता है। जब तक सैंपल की जांच रिपोर्ट आती है तब तक वन्य जीव की हालत बिगड़ जाती है। कभी-कभी यह देरी वन्य जीव के लिए जानलेवा हो जाती है। कुमाऊं में पहली बार वन्य जीवों को नर्सिंग होम की सुविधाएं उपलब्ध कराने के मेडिकल उपकरण की सुविधाएं बढ़ाई जा रही है।

“रानीबाग रेस्क्यू सेंटर को मिनी नर्सिंग होम की तर्ज पर विकसित किया जा रहा है। अभी तक वहां सिर्फ कुछ चिकित्सकीय सुविधाएं ही हैं। मोबाइल एक्सरे और ऑटो एनलाइजर्स के आने से वन्य जीवों के उपचार में काफी मदद मिलेगी।” -डॉ. दीप्ति अरोरा, पशु चिकित्सक वन विभाग, नैनीताल

कुमाऊं का एकमात्र सेंटर जहां होती है बंदरों की नसबंदी
रानीबाग रेस्क्यू सेंटर कुमाऊं का एकमात्र सेंटर है जहां बंदरों की नसबंदी की जाती है। अभी तक कुमाऊं में यह सुविधा कहीं नहीं है। इसके अतिरिक्त नैनीताल व आसपास के जिलों से घायल, गंभीर बीमार वन्य जीवों का उपचार भी इसी सेंटर में किया जाता है।

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