बरेली: बनारस की तर्ज पर रामगंगा घाट पर आरती की तैयारी
बरेली,अमृत विचार। रामगंगा घाट को पर्यटन के लिहाज से विकसित करने के लिये जिलाधिकारी नितीश कुमार कार्ययोजना तैयार करवा रहे हैं। चौबारी स्थित रामगंगा घाट पर बनारस की तर्ज पर भव्य गंगा आरती शुरू कराने की तैयारी तेज हो गई है। गंगा आरती के साथ रामगंगा नदी के दोनों किनारों पर एडवेंचर भी शुरू कराये …
बरेली,अमृत विचार। रामगंगा घाट को पर्यटन के लिहाज से विकसित करने के लिये जिलाधिकारी नितीश कुमार कार्ययोजना तैयार करवा रहे हैं। चौबारी स्थित रामगंगा घाट पर बनारस की तर्ज पर भव्य गंगा आरती शुरू कराने की तैयारी तेज हो गई है। गंगा आरती के साथ रामगंगा नदी के दोनों किनारों पर एडवेंचर भी शुरू कराये जाएंगे ताकि लोग यहां पिकनिक का आनंद ले सकें। सरकार को भी राजस्व का फायदा पहुंचेगा।
जिलाधिकारी ने बताया कि पहले चरण में गंगा घाटों का जीर्णोद्धार कराया जाएगा। धार्मिक और सामाजिक संगठनों के सहयोग से योजना को सफल बनाने की तैयारी कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि बरेली जनपद में ऐसा कोई प्वाइंट नहीं है जहां लोग परिवार के साथ घूम सकें। बरेली शहर से लगे कई ऐसे प्वाइंट हैं जिन्हें पर्यटन के दृष्टिगत विकसित किया जा सकता है। जिलाधिकारी कहते हैं कि चौबारी पर रामगंगा घाट के पास डैम पहले से बना है। नया पुल भी बनकर तैयार हो गया है। रामगंगा घाट पर एडवेंचर के कार्यक्रम भी शुरू कराए जाएंगे। आरती शुरू करवाने और एडवेंचर के कार्यक्रम कराने को लेकर संबंधित विभागों के साथ जल्द बैठक की जाएगी। घाटों के जीर्णोद्धार में उद्यमियों का भी सहयोग लिया जाएगा।
वर्ष 2019 में कछला में शुरू की गयी थी गंगा आरती
बरेली। काशी की तर्ज पर कछला गंगा घाट पर 15 जनवरी, 2019 को गंगा आरती शुरू की गयी थी। शंख भी बनारस से मंगवाए गये थे। 54 दीपों से आरती करायी जाती है। शुरूआत में काशी के छह आरती विशेषज्ञों ने आरती शुरू करायी। बाद में गुरुकुल महाविद्यालय कछला के 25 विद्यार्थियों ने इस विधा को सीखा और उसमें पारंगत होने के बाद स्वयं आरती करने लगे। कोरोना काल में गंगा आरती नहीं हुई।
