मुरादाबाद : मुस्कान का मरहम पाकर खिल उठे सैकड़ों मायूस चेहरे, डॉ. गोयल बुजुर्गों का बने सहारा

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Edited By Amrit Vichar
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वरिष्ठ समाजसेवी व शिक्षाविद् की मौन सेवा ने मायूसों को दी मुस्कान, हर मजलूम की सेवा में परिवार सहित डॉ. गोयल रहे अंत तक मौजूद

मुरादाबाद, अमृत विचार। मुहब्बत का महीना कहे जाने वाले फरवरी में मुरादाबाद में मुहब्बत का अलग ही अंदाज नजर आया। ये मुहब्बत सैकड़ों मायूसों के चेहरों पर मुस्कान भरने की थी। मायूसी को मात देकर हर जरूरतमंद दिव्यांग के आंसू पोंछने की थी। शनिवार को आंबेडकर पार्क सिविल लाइंस में हर शख्स ये देखकर हैरत करता रहा कि आज के युग में भी महाराजा हरिश्चंद्र की कहानी को सेवा के माध्यम से साकार रूप में देखा जा सकता है।

महाराजा हरिश्चंद्र ने अपना सर्वस्व समाज और जरूरतमंदों को अर्पित कर दिया था। शनिवार को मुरादाबाद के सेवक की सेवा को देखकर लोगों ने दिल से दुआएं दीं। सभी को महाराजा हरिश्चंद्र की कहानी याद आई। लेकिन, शनिवार को जो हुआ वो कोई कहानी नहीं बल्कि एक जीवन का सेवा में समर्पण है। यहां बात सेवा का पर्याय बन चुके वरिष्ठ समाजसेवी व शिक्षाविद डॉ. अरविंद कुमार गोयल की हो रही है जिन्होंने तीन साल पूर्व पचास साल की अपनी मेहनत की करोड़ों रुपये की संपत्ति को समाजहित में प्रदेश सरकार को दान कर दिया। सर्वस्व दान करने के बाद भी हर जरूरतमंद की सेवा को बेचैन रहने वाले डॉ. गोयल का ये सेवा सफर अभी भी जारी है। पीतल से इतर आज सेवा का पर्याय बने डॉ. गोयल से भी मुरादाबाद को वैश्विक पहचान मिली है।

देखते ही देखते जुटी सैकड़ों की भीड़
दरअसल, आंबेडकर पार्क में शनिवार को दर्जनों की संख्या में जरूरतमंद दिव्यांग एकत्रित थे। वरिष्ठ समाजसेवी एवं शिक्षाविद् डॉ. गोयल को जब पार्क में जरूरतमंद दिव्यांगों के एकत्र होने की जानकारी हुई, तो वे तुरंत अपने सभी जरूरी काम छोड़कर अपने बेटे व युवा समाजसेवी शुभम गोयल व पुत्रवधु नेहा गोयल के साथ जरूरतमंदो की सेवा करने पहुंच गए। सभी के लिए शीघ्रता से कंबल और मिठाई का इंतजाम किया। पार्क में एकत्रित दिव्यांगो को ज्यों ही डॉ. गोयल की मौजूदगी की जानकारी हुई, तो जिले भर से सैकड़ों अन्य दिव्यांग भी पार्क में पहुंचने लगे। सभी को अपने मसीहा का आशीर्वाद पाने की चाह वहां ले आई। 

डॉ. गोयल के प्रति दीवानगी का आलम ये था कि पार्क में सैकड़ों दिव्यांगो की सेवा के इस प्रकल्प में उनके परिवार संग हाथ बंटाने को वहां मौजूद पुलिसकर्मी भी आगे आए। मजलूमों का अपने प्रति ये स्नेह और दीवानगी देखकर डॉ. गोयल और उनके परिवार ने एक बार फिर सैकड़ों कंबल और मिठाई की अतिरिक्त व्यवस्था की। मजहब की दीवार से परे पार्क में सिर्फ सेवा और इंसानियत का धर्म नजर आया। हर कोई डॉ. गोयल की एक झलक का तलबगार नजर आया। सब तरफ खुशियां बिखर रही थीं। हालांकि, सेवा के बीच डॉ. गोयल कुछ चिंतित नजर आ रहे थे। एक बूढ़ी मां ने जब स्नेह से डॉ. गोयल के सिर पर हाथ फेरकर पूछा कि बेटा क्या बात है, तो डॉ. गोयल ने कहा कि उन्हें सिर्फ इस बात की फिक्र हो रही थी कि इतनी बड़ी संख्या में एकत्रित दिव्यांगों में कोई भी सेवा से वंचित न रह जाए। सभी की सेवा की आश्वस्ति होने के बाद ही डॉ. गोयल ने वहां से विदा ली।

डॉ. गोयल हजारों माओं के लाल 
डॉ. गोयल को हजारों माएं अपना बेटा कहकर पुकारती हैं। ऐसे बुजुर्ग जिनका अपनो ने ही तिरस्कार कर घर से बेघर कर दिया हो, ऐसे बुजुर्गों का सहारा ही डॉ. गोयल हैं। डॉ. गोयल द्वारा देश भर में स्थापित उनके वृद्धाश्रमों में इन बुजुर्गों की सेवा का हर कोई कायल है। इन बुजुर्गों के भगवान ही डॉ. गोयल हैं। ये बुजुर्ग कहते हैं कि अगर हमारा लाल न होता, तो दर-दर की ठोकरे खाते। भूखे पेट सो जाते। हमारी तड़प को अपना दर्द समझने वाला हमारा एक ही लाल है। बताते चलें कि डॉ. गोयल सर्दी की शुरुआत से ही जरूरमंदो को भावना की भरक देकर उनकी सेवा करते हैं। कंबल वितरण के साथ ही हर जरूरत का सामान वितरित करते हैं। खामोश रहकर सेवा को अंजाम देते हैं। सेवाकार्य को कैमरों की चकाचौंध से दूर रखते हैं। सर्दी, गर्मी या बरसात से बेपरवाह हर मौसम में स्कूटी पर घूमकर शहर भर में ढूंढ-ढूंढकर जरूरतमंदो की मदद करते हैं। खामोशी से की जाने वाली इस सेवा को बेहद सादगी से अंजाम देते हैं।

डॉ. गोयल का बच्चा-बच्चा दीवाना
डॉ. गोयल के सेवा कार्यों का सिने जगत के साथ ही राजनैतिक क्षेत्र एवं मीडिया संस्थानो के साथ ही क्रिकेट की दुनिया तक हर खास-ओ-आम कायल है। देश भर के करोड़ों युवा उन्हें अपना आईकॉन मानते हैं। बच्चा-बच्चा उनका दीवाना है। फिल्म इंडस्ट्री के आईफा जैसे प्रतिष्ठित कार्यक्रम में डॉ. गोयल की मौजूदगी बतौर मुख्य-अतिथि रहती है। देश के हर बड़े आयोजन में डॉ. गोयल की मौजूदगी को ही कार्यक्रम की सफलता का सूचक माना जाता है।

महानायक से लेकर मिसाइल मैन तक कायल
सदी के महानायक अमिताभ बच्चन से लेकर सलमान खान, शाहरुख खान, क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर भी डॉ. गोयल के प्रशंसक हैं। पूर्व राष्ट्रपति, और मिसाइल मैन कहे जाने वाले डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम, प्रणव मुखर्जी, रामनाथ कोविंद, प्रतिभा देवी पाटिल समेत मौजूदा राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के साथ ही राजनैतिक और सिने जगत समेत क्रिकेट और मीडिया संस्थानो की कई बड़ी हस्तियां डॉ. गोयल के सेवाकार्यों को सम्मानित कर चुकी हैं। हाल ही में मुंबई में आयोजित देश के दिग्गज उद्योगपतियों के कार्यक्रम में डॉ. गोयल विशिष्ट अतिथि और गृहमंत्री अमित शाह बतौर मुख्य-अतिथि मौजूद रहे। गृहमंत्री के साथ मिलकर डॉ. गोयल ने अपने कर-कमलो से देश के शीर्ष उद्योगपतियों को मंच से सम्मानित किया।

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