मुरादाबाद : सही खानपान व तनावमुक्त जीवनशैली से बढ़ाएं रोग प्रतिरोधक क्षमता

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कुष्ठ रोग से घृणा करें, कुष्ठरोगी से नहीं, का जागरूकता कार्यशाला में दिया संदेश

कार्यशाला में कुष्ठ रोग के बारे में जागरूक कर उसके लक्षण, बचाव व इलाज के बारे में पीपीटी के माध्यम से जानकारी देते जिला कुष्ठ परामर्शदाता डॉ. भास्कर अग्रवाल।

मुरादाबाद, अमृत विचार। स्पर्श कुष्ठ जागरूकता अभियान व कुष्ठ पखवाड़ा के क्रम में गुरुवार को मुस्लिम गर्ल्स डिग्री कॉलेज में कुष्ठ जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। प्राचार्य डॉ. संजय सिंह ने छात्राओं के सामने जिलाधिकारी के द्वारा जिले को कुष्ठ रोग से मुक्त कराने की घोषणा पत्र का संदेश पढ़ा। प्राचार्य ने छात्राओं को कुष्ठ रोग से बचाव के लिए सही खानपान, तनावमुक्त जीवन द्वारा शरीर में प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए कहा। कुष्ठ रोगियों से भेदभाव न करने के लिए समाज को प्रेरित करने की सलाह दी। जिला कुष्ठ परामर्शदाता डॉ. भास्कर अग्रवाल ने बताया कि कुष्ठ रोग माइक्रो बैक्टीरिया लैपी नामक सूक्ष्म जीवाणु से होता है। कुष्ठरोगियों से भेदभाव नहीं करना चाहिए।

कुष्ठ रोग बहुत ही कम संक्रामक होता है, यह 100 में से केवल 5% लोगों में जिनमें रोग से लड़ने की क्षमता कम होने पर ही रोगग्रस्त होने की संभावना रहती है। जैसे ही रोगी कुष्ठ रोग की दवा एमडीटी की पहली खुराक ले लेता है उससे यह रोग किसी दूसरे व्यक्ति में फैलने की संभावना बहुत कम हो जाती है। सरकार द्वारा चलाए जा रहे पोस्ट एक्स्पोज़र प्रोफाइल एक्सेस प्रोग्राम के तहत रोगी के परिवार के सदस्यों को भी दवा की एकल खुराक खिलाई जाती है। जिससे यदि उनके शरीर में भी इसी प्रकार का संक्रमण बैक्टीरिया द्वारा उत्पन्न किया गया हो तो वह वहीं पर समाप्त हो जाता है।  

रोग से घृणा करें रोगी से नहीं। कुष्ठ रोग की दवा एमडीटी सभी सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर निशुल्क उपलब्ध है। यदि आपके आसपास कोई ऐसा व्यक्ति मौजूद है जिसकी त्वचा पर एक या एक से अधिक सुन्न दाग धब्बे जिसमें पसीना आता हो, खुजली न होती हो और बाल रोगकूप समाप्त हो गए हो कुष्ठ रोग का लक्षण हो सकता है। उसे प्रेरित करें कि वह जल्द से जांच कराकर अपना इलाज आरंभ करें। जिससे कुष्ठ रोग से होने वाली विकलांगता से बचा जा सके। छात्राओं ने कुष्ठ रोग से संबंधित प्रश्नों को पूछा जिसका समाधान पीपीटी के माध्यम से किया गया। कार्यक्रम को सफल बनाने में टेक्निकल इंचार्ज फहीम अख्तर, आदिवा, तनु सिंह, वेद प्रकाश, नईम अहमद और कॉलेज के सभी  स्टाफ का विशेष योगदान रहा।

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