बरेली: आचार संहिता में ही खोल दिए 3.64 करोड़ रुपये के टेंडर
बरेली,अमृत विचार। सिस्टम भले ही सख्ती का दावा करे लेकिन सिंचाई विभाग के इंजीनियर अब भी मनमानी कर रहे हैं। दिवाली के बाद लगातार तीन दिन छुट्टी पड़ी तो मानक ताक पर रखकर शिक्षक एमएलसी चुनाव की आचार संहिता को ही भूल गए। सिंचाई विभाग के रुहेलखंड नहर खंड ने साढ़े तीन करोड़ रुपये से …
बरेली,अमृत विचार। सिस्टम भले ही सख्ती का दावा करे लेकिन सिंचाई विभाग के इंजीनियर अब भी मनमानी कर रहे हैं। दिवाली के बाद लगातार तीन दिन छुट्टी पड़ी तो मानक ताक पर रखकर शिक्षक एमएलसी चुनाव की आचार संहिता को ही भूल गए। सिंचाई विभाग के रुहेलखंड नहर खंड ने साढ़े तीन करोड़ रुपये से अधिक के टेंडर खोल दिए। यह मामला अब विभाग में चर्चा का विषय बना है।
पीलीभीत रोड, बीसलपुर रोड के अलावा जिले के तमाम ऐसे गांव जहां के नहरों के किनारे की बदहाल हो चुकी पटरी जर्जर होने की वजह से टूट चुकी है। गहरे गड्ढे होने की वजह से हादसे का डर बना रहता है। अफसरों तक लगातार शिकायतें पहुंचीं तो कुछ समय पूर्व जर्जर हो चुकी करीब दो दर्जन नहर पटरी दुरुस्त कराने के लिए सिंचाई विभाग ने एस्टीमेट तैयार किया।
तीन से चार स्थानों पर नहरों की सिल्ट साफ कराने के लिए विभाग ने बीते दिनों टेंडर प्रक्रिया शुरू की। पंजीकृत ठेकेदारों को ऑनलाइन टेंडर लेने के लिए आमंत्रित किया गया। पहले सात नवंबर फिर नौ नवंबर दोपहर 12 बजे तक टेंडर खोलने का समय निर्धारित रखा गया। बाद में संशोधन पत्र जारी कर टेंडर डालने की अंतिम तारीख 11 नवंबर और टेंडर खोलने की तारीख 13 व 14 नवंबर कर दी गई। इस बीच दिवाली पर अवकाश होने के बाद इंजीनियरों ने खेल कर दिया। आचार संहिता भूलकर 18 नवंबर को टेंडर खोल दिए गए। हालांकि, सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता सुरेंद्र सिंह का कहना है यह टेंडर पहले के हैं। अगर टेंडर नहीं हुए तो किसान परेशान हो जाएंगे। इसलिए जल्द काम शुरू कराया जाएगा। इसको लेकर दिशा निर्देश भी जारी कर दिए गए है।
