मुरादाबाद: घाटों पर उमड़ा आस्था का सैलाब, डूबते सूर्य को अर्घ्य देकर मांगी मुराद
मुरादाबाद,अमृत विचार। रामगंगा तट सहित जगह-जगह बनाये गये कृत्रिम तालाबों में कमर तक जल में खड़ी महिलायें, पश्चिम दिशा की ओर धीरे-धीरे अस्त होते सूर्यदेव की किरणों की मनोहारी आभा के बीच अर्घ्य प्रदान करती महिलायें। कुछ ऐसा ही नजारा था चरम पर पहुंच चुके छठ पूजा महोत्सव के उल्लास का। पोखरों से लेकर रामगंगा …
मुरादाबाद,अमृत विचार। रामगंगा तट सहित जगह-जगह बनाये गये कृत्रिम तालाबों में कमर तक जल में खड़ी महिलायें, पश्चिम दिशा की ओर धीरे-धीरे अस्त होते सूर्यदेव की किरणों की मनोहारी आभा के बीच अर्घ्य प्रदान करती महिलायें। कुछ ऐसा ही नजारा था चरम पर पहुंच चुके छठ पूजा महोत्सव के उल्लास का। पोखरों से लेकर रामगंगा नदी के किनारे पूर्वांचल समाज सूर्य को अर्घ्य देने के लिए उमड़ पड़ा था। फल, सब्जी, मिठाई और श्रृंगार सहित पूजन सामग्री से बांस की टोकरी भरी हुई थी। पति और बच्चों के साथ ही परिवार के अन्य सदस्य साथ-साथ थे। आज शनिवार की सुबह उगते सूर्य को अर्घ्य प्रदान कर छठ पर्व का समापन होगा।
शुक्रवार को छठ पर्व के तीसरे दिन सुबह से ही घरों में पूजा-अर्चना का दौर शुरू हो गया था। दिन भर पूर्वांचल समाज के लोग पार्क, सार्वजनिक स्थल सहित अन्य जगह बनाये गये कृत्रिम तालाबों की तैयारियों में जुटे हुये थे। जैसे-जैसे दिन चढ़ता गया, वैसे-वैसे छठ व्रतधारी महिलायें पूजा की तैयारियों को अंतिम रूप देती नजर आयी। शाम चार बजते ही ढोल-नगाड़ों की थाप पर झूमते हुये महिलायें, पुरुष, युवक-युवतियों व बच्चें रामगंगा तट सहित पार्कों की ओर बढ़ते नजर आये। इसके बाद रामगंगा नदी और कृत्रिम तालाब में कमर तक खड़े होकर सूर्यास्त का इंतजार होने लगा।
दिवाकर अपनी ऊष्मा से धरती को ऊर्जावान बनाकर अस्ताचल की ओर था तभी पोखर और रामगंगा के जल में उतरकर महिलाओं ने अस्ताचलगामी सूर्य को पहला अर्घ्य दिया। साथ ही महिलाओं ने फल, सब्जी, मिठाई आदि का भोग लगाने के साथ ही सूर्य देव को अर्घ्य देकर घर-परिवार में खुशहाली की कामना की। जल से निकलने के बाद महिलाओं ने अपनी सास सहित बुजुर्गों के पैर छूकर आशीर्वाद लिया। देर शाम तक यहां घाटों व पार्कों में उत्सव जैसा नजारा था।
निरोगी काया की हुयी प्रार्थना
सूर्य को अर्घ्य प्रदान करने के दौरान महिलाओं ने एक ओर जहां परिवार सहित भारतीय समाज की संपन्नता एवं निरोगी काया की छठ माई से प्रार्थना की। वहीं देश में फैली कोरोना महामारी की मुक्ति के लिये भी प्रार्थना की गयी। अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य देने के लिए महिलाओं ने रसिया खीर व रोटी ग्रहण करने के बाद से निर्जला व्रत धारण कर रखा था। चट्टापुल में रामगंगा नदी पर जबकि बुद्धि विहार सेक्टर 2 के ट्रांसफार्मर पार्क, रेलवे कालोनी, रामगंगा विहार सहित कपूर कंपनी एवं हरथला कालोनी में पार्कों में बनाये गये पोखरों में खड़े होकर डूबते हुए सूर्य को अर्घ्य दिया गया। चार दिन चलने वाले छठ महोत्सव के पहले अर्घ्य का उल्लास घाटों व पार्कों पर देखते ही बना।
जमकर हुयी आतिशबाजी
छठ पर्व पूर्वांचल समाज के लिये होली-दिवाली के समान होता है। इसलिये शुक्रवार की शाम रामगंगा घाट से लेकर बुद्धि विहार, रेलवे कालोनी, हरथला, रामगंगा विहार में सूर्य को अर्घ्य प्रदान करने के साथ ही जमकर आतिशबाजी की गयी। युवक-युवतियों सहित बच्चों ने आतिशबाजी कर दिवाली मनायी, वहीं कई लोगों ने एक दूसरे को गुलाल लगाकर होली मनायी।
उगते सूर्य को अर्घ्य के साथ संपन्न होगा छठ पर्व
सूर्य उपासना का पर्व आज शनिवार सुबह उगते सूर्य को अर्घ्य देने के साथ ही संपन्न हो जायेगा। इस दौरान महिलायें मनोकामना मांगकर छठी मइया से अगले बरस आने की प्रार्थना करेंगी। साथ ही मनोकामनायें पूरी होने पर अगले साल धूमधाम से आयोजन करने के साथ ही भंडारे और अन्य कार्य संपन्न कराये जायेंगे।
शहर विधायक से की घाट बनाने की मांग
शुक्रवार शाम छठ पर्व के अवसर पर शहर विधायक रितेश गुप्ता, भाजपा जिलाध्यक्ष धर्मेन्द्र मिश्रा सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने रेलवे कालोनी, बुद्धि विहार, रामगंगा तट पहुंचकर प्रसाद ग्रहण किया। रेलवे कालोनी में पूर्वांचल समाज के लोगों ने शहर विधायक से केजीके डिग्री कॉलेज के पास स्थित मैदान पर घाट बनाने की मांग की। कहा कि हर वर्ष मैदान की खुदाई कर कृत्रिम तालाब बनाया जाता है। यदि यहां पक्का तालाब बनाने के साथ ही मैदान का सौंदर्यीकरण हो जाये तो बेहतर आयोजन हो सकेगा। इस पर शहर विधायक ने पूर्वांचल समाज के लोगों को जल्द ही घाट बनवाने का आश्वासन दिया।
