भारत में Instagram के किशोर उपयोगकर्ताओं पर अब मां-बाप रख सकेंगे नजरः मेटा

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Edited By Amrit Vichar
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नई दिल्ली। फेसबुक और इंस्टाग्राम जैसे सोशल मीडिया मंचों का संचालन करने वाली कंपनी मेटा ने मंगलवार को ‘इंस्टाग्राम टीन अकाउंट्स’ का भारत में विस्तार करने की घोषणा की। इसमें अवांछित बातचीत सीमित करने और गोपनीयता सेटिंग बढ़ाने के साथ मां-बाप की अधिक निगरानी सुनिश्चित की जा सकेगी।

वीडियो शेयरिंग मंच इंस्टाग्राम के किशोर उपयोगकर्ताओं को सुरक्षित और आयु प्रतिबंधों के अनुरूप परिवेश देने के लिए मेटा उम्र की पुष्टि करने वाले तरीकों को भी चाकचौबंद कर रही है। गलत उम्र बताने पर अतिरिक्त सत्यापन चरणों की जरूरत पड़ेगी। पिछले महीने भारत सरकार ने डिजिटल व्यक्तिगत डेटा सुरक्षा नियमों का मसौदा जारी किया था। उसमें ऑनलाइन या सोशल मीडिया मंचों पर नाबालिग उपयोगकर्ता खाते के निर्माण के लिए माता-पिता की सत्यापन-योग्य सहमति और पहचान को अनिवार्य बनाने का प्रस्ताव रखा गया है।

मेटा ने बयान में कहा, ‘‘हम किशोरों के लिए अंतर्निहित सुरक्षा सुनिश्चित करने और माता-पिता को उनके किशोरों के सुरक्षित अनुभव के बारे में आश्वस्त करने के लिए इंस्टाग्राम टीन अकाउंट्स का भारत में विस्तार कर रहे हैं।’’

मेटा ने कहा कि किशोरों को अपने-आप उच्चतम सुरक्षा सेटिंग्स में रखा जाता है, जिसमें गलत उम्र बताने और संवेदनशील सामग्री प्रतिबंधों को रोकने के तरीके होते हैं ताकि एक सुरक्षित और उम्र के अनुकूल ऑनलाइन स्थान बनाया जा सके। इसके तहत माता-पिता 16 वर्ष से कम उम्र के किशोरों के लिए परिवर्तनों को मंजूरी दे सकते हैं, हाल में जुड़े संपर्कों की निगरानी कर सकते हैं, स्क्रीन पर बिताए जाने वाले समय की सीमा तय कर सकते हैं और कुछ खास समय के लिए ऐप का उपयोग करने से रोक सकते हैं।

किशोरों के लिए ऑनलाइन मंच को अधिक सुरक्षित और उम्र के अनुकूल स्थान बनाने के लिए ये खाते बनाए गए हैं। अंतर्निहित सुरक्षा के साथ, किशोर खाते अवांछित बातचीत को सीमित करते हैं, गोपनीयता सेटिंग्स को बढ़ाते हैं, और माता-पिता को अधिक निगरानी प्रदान करते हैं, जिससे युवा उपयोगकर्ताओं के लिए एक सुरक्षित सोशल मीडिया अनुभव सुनिश्चित होता है।

मेटा ने कहा, ‘‘ऐसे दौर में जहां डिजिटल संवाद युवा मस्तिष्क को आकार देते हैं, उनकी ऑनलाइन सुरक्षा सुनिश्चित करना पहले से कहीं अधिक महत्वपूर्ण हो गया है।’’ सोशल मीडिया दिग्गज ने कहा कि किशोर उपयोगकर्ताओं के लिए साइबरबुलिंग, हानिकारक सामग्री के संपर्क में आने और गोपनीयता से जुड़े जोखिम को देखते हुए अभिभावकों, शिक्षकों और नीति-निर्माताओं ने चिंता जताई थी।

इंस्टाग्राम में पब्लिक पॉलिसी इंडिया की निदेशक नताशा जोग ने कहा कि मेटा में एक सुरक्षित और अधिक जिम्मेदार डिजिटल वातावरण बनाना सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा, ‘‘भारत में इंस्टाग्राम टीन अकाउंट के विस्तार के साथ, हम सुरक्षा को मजबूत कर रहे हैं, सामग्री नियंत्रण बढ़ा रहे हैं और किशोरों के लिए एक सुरक्षित अनुभव सुनिश्चित करते हुए माता-पिता को सशक्त बना रहे हैं।’’

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