पीलीभीत: विरासत को लेकर हुए विवाद में लेखपाल की पिटाई, अधिवक्ता का आरोप- रिश्वत में मांगे पांच हजार रुपये

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Edited By Amrit Vichar
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पूरनपुर, अमृत विचार: जमीन की विरासत करने को लेकर एक अधिवक्ता का लेखपाल से विवाद हो गया। दोनों ने एक दूसरे पर आरोप लगाए। बताते हैं कि इस दौरान तहसील में लेखपाल की पिटाई कर दी गई। इससे अफरा-तफरी मच गई। हालांकि एसडीएम की मध्यस्ता से विवाद को किसी तरह निपटाया गया। 

बताते हैं कि शनिवार को एक लेखपाल तहसील में दूसरी मंजिल रजिस्ट्रार कानूनगो कक्ष में काम निपटा रहे थे। इस दौरान अधिवक्ता विरासत के मामले की जानकारी के लिए लेखपाल से मिलने पहुंचे। विरासत को लेकर दोनों में विवाद होने लगा। आरोप है कि लेखपाल ने पांच हजार रुपये की रिश्वत अधिवक्ता से मांगी और रिश्वत न देने पर विरासत न करने की बात कह दी। 

उधर, लेखपाल का आरोप है कि उन्होंने विरासत निरस्त होने पर दोबारा करने के लिए अधिवक्ता से खतौनी देने को कहा। इसको लेकर वह जाति सूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए गाली-गलौज करने लगे और मारपीट की। मारपीट की जानकारी लगने पर तमाम अधिवक्ता पहुंचे और बीच बचाव कराया। मामला एसडीएम अजीत प्रताप सिंह के पास पहुंचा। तहसीलदार की मौजूदगी में दोनों पक्षों ने आरोप प्रत्यारोप लगाए। 

समाधान दिवस चलता रहा, हो गई मारपीट
बता दें कि संबंधित लेखपाल आठ दिन पहले ही बीसलपुर तहसील से पूरनपुर स्थानांतरित होकर आए हैं। इससे पहले भी वह पूरनपुर में लेखपाल और कानूनगो रहे हैं। थाना सेहरामऊ क्षेत्र के गदिहर सहित कई गांव का चार्ज उनके पास है। जिस समय अधिवक्ता और लेखपाल में मारपीट हुई। उस समय तहसील के सभागार समाधान दिवस चल रहा था। जानकारी लगते ही एसडीएम अपने ऑफिस में पहुंच गए और दोनों पक्षों का विवाद निपटाया।

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