जम्मू-कश्मीर पुलिस ने महबूबा मुफ्ती के आरोपों का किया खंडन
श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर पुलिस ने प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ़्ती के पीपल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) के एक नेता से पुलिस स्टेशन में प्रतदिन 12 घंटे तक रहने के आरोपों का खंडन किया। पुलिस ने शनिवार को कहा कि प्रदेश में किसी भी चुनाव के दौरान आतंकवादियों की पहचान को अपडेट करने के लिए उन्हें बुलाया …
श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर पुलिस ने प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ़्ती के पीपल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) के एक नेता से पुलिस स्टेशन में प्रतदिन 12 घंटे तक रहने के आरोपों का खंडन किया। पुलिस ने शनिवार को कहा कि प्रदेश में किसी भी चुनाव के दौरान आतंकवादियों की पहचान को अपडेट करने के लिए उन्हें बुलाया जाता है। पुलिस के एक प्रवक्ता ने कहा कि प्रदेश में चुनावों के दौरान पुलिस जेल से बाहर रह रहे आतंकवादियों को उनकी पहचान की ताजा पुष्टि करने के लिए पुलिस स्टेशन बुलाती है।
उन्होंने कहा कि इसी तरह पीडीपी के नेता रौफ भट्ट को भी अपने पहचान की ताजा पुष्टि करने के लिए पुलिस स्टेशन बुलाया गया था। क्योंकि वह आतंकवादी संगठन हिज़्बुल मुजाहिद्दीन के साथ जुड़ा हुआ था। इसलिए यह आरोप सरासर गलत है। पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ़्ती ने आरोप लगाया था कि श्रीनगर में पुलिस ने उनके पार्टी के नेता को शुक्रवार को पुलिस स्टेशन में हाजिर होने के लिए कहा था और श्रीनगर नगर निगम (एसएमसी) के चुनाव खत्म होने तक प्रतिदिन सुबह आठ बजे से लेकर दो बजे तक थाने में मौजूद रहने के लिए कहा था। महबूबा मुफ्ती ने प्रदेश के राज्यपाल मनोज सिन्हा से भी सवाल करते हुए कहा कि क्या प्रदेश में नए तरीके के चुनाव हो रहे हैं जो ऐसा बर्ताव किया जा रहा है।
