शाहजहंपुर: 55 साल की उम्र में रिटायर्ड होने का संविदा कर्मियों ने किया विरोध, बोले- आयु सीमा 60 हो
शाहजहांपुर, अमृत विचार। विद्युत संविदा मजदूर संगठन ने कार्यरत संविदा कर्मियों को 55 वर्ष पूर्ण करने के बाद सेवा मुक्त किए जाने का विरोध जताया है। इस संबंध में पावर कॉरपोरशन के अध्यक्ष को संबोधित अधीक्षण अभियंता जेपी वर्मा को दिए गए ज्ञापन में आयु सीमा 60 वर्ष कि जाने की मांग की है, ताकि पारिवारिक पेंशन का लाभ मिल सके।
संगठन के प्रदेश अध्यक्ष नवल किशोर सक्सेना के नेतृत्व में दिए गए ज्ञापन में कहा गया है कि उप्र. पावर कॉरपोरेशन में आउटसोर्सिंग के माध्यम से कार्यरत संविदा कर्मियों का सेवाकाल 18 वर्ष से 55 वर्ष रखा गया है, जो न्याय संगत नहीं हैं, क्योंकि कर्मचारी भविष्य निधि संगठन के अनुसार नियमित प्रकृति के कार्य करने वाले श्रमिकों की नियमित पेंशन का प्रावधान 58 वर्ष कार्य करने के बाद है, जबकि विभाग द्वारा किसी भी संविदा कर्मियों कि नियमावली नहीं बनाई गई है, ऐसे में कार्यरत संविदा कर्मियों को 55 वर्ष पूर्ण करने के बाद सेवा मुक्त किया जाना उचित नहीं है।
जबकि छह फरवरी 2025 को मध्यांचल निदेशक कार्मिक एवं प्रशासनिक विकास चंद्र अग्रवाल सभी मुख्य अभियंताओं को आदेशित कर चुके हैं कि माह अक्टूबर 2024, नवंबर 2024, दिसंबर 2024 में लगातार कार्यरत रहे संविदा कर्मियों को नई निविदाओं के अंतर्गत रखने के लिए आवश्यक कार्रवाई करें। लेकिन आदेश की अवहेलना करते हुए 55 वर्ष पूर्ण करने वाले संविदा कर्मियों को सेवा मुक्त किया जा रहा है। कर्मचारियों का कहना है कि कार्यरत संविदा कर्मचारी की 55 वर्ष आयु पूर्ण होने पर उन्हें कार्य मुक्त न किया जाए और संविदा कर्मियों की आयु सीमा 55 वर्ष से बढ़कर 60 वर्ष की जाए, ताकि पारिवारिक पेंशन का लाभ मिल सके। इस मौके पर मध्यांचल अध्यक्ष अशोक कुमार पाल, जिलाध्यक्ष मुनीश पाल, अरविंद सिंह आदि मौजूद रहे।
