Mahakumbh जाने को लेकर पति-पत्नी में हुआ विवाद: युवक के जाने पर महिला ने दी जान, प्रयागराज के रास्ते से रोते हुए लौटा

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Edited By Amrit Vichar
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शहर के नयापुरा नैकाना शुक्रवारी बाजार इलाके की घटना

महोबा, अमृत विचार। पति के साथ महाकुंभ नहीं जा पाने से आहत पत्नी ने जिंदगी ही खत्म कर ली। पति के अकेले ही महाकुंभ स्नान के लिए निकलने के बाद उसने रसोईघर में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। मोहल्लेवासियों की सूचना पर पति रोता-बिलखता प्रयागराज के रास्ते से ही वापस लौट पड़ा। पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। घटना के बाद परिवार में चीख-पुकार मची है। महिला के आत्महत्या करने के बाद घर के बाहर मोहल्लेवासियों की भीड़ एकत्र हो गई। 

बताया जाता है कि शहर के नयापुरा नैकाना शुक्रवारी बाजार के समीप रहने वाला रामशरण अहिरवार सोमवार को तड़के करीब चार बजे महाकुंभ में स्नान करने के लिए प्रयागराज जा रहा था। उसकी पत्नी मन्नू (50) भी महाकुंभ जाने की जिद करने लगी। 

पति ने भीड़ का हवाला देते हुए पत्नी को काफी समझाया-बुझाया और पत्नी को घर पर ही छोड़कर अकेले ही प्रयागराज के लिए निकल गया। पति के अकेले जाने के बाद मन्नू इतना आहत हुई कि कुछ देर बाद रसोईघर में दुपट्टा से फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। 

उधर, पति प्रयागराज पहुंचने के लिए सफर कर रहा था, इधर पत्नी रसोईघर में फंदे पर लटक रही थी और परिजनों को इसकी भनक तक नहीं लग सकी। सुबह करीब आठ बजे जब उसका पुत्र दीपक सोकर उठा और रसोईघर की तरफ गया तो मां को फंदे पर लटका देख उसकी चीख निकल गई। वह दहाड़े मारकर रोने लगा। शोरशराबा सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे तो मन्नू का शव लटका देख उनके भी होश उड़ गए। देखते ही देखते पड़ोसियों की भीड़ एकत्र हो गई। 

इसके बाद परिजनों की ओर से पुलिस को सूचना दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को फंदे से नीचे उतारकर पंचनामा भरा और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने परिवार और पड़ोस के लोगों से घटना के बारे में जानकारी हासिल की। 

घटना की सूचना पति को दी गई तो वह प्रयागराज पहुंचने से पहले ही रास्ते से वापस लौट पड़ा। पति के पास अब सिर पीटने के सिवा कुछ नहीं बचा। वह बार-बार यही कह रहा है कि काश पत्नी की जिद मानकर उसे भी साथ ले जाता तो जिंदगी भर का साथ नहीं छूटता। 

बेटे दीपक को गोद लिया था

इस घटना को लेकर गांव वालों में चर्चा छिड़ गई है। बताते हैं कि दंपति के कोई संतान नहीं थी। कुछ समय पहले रामशरण अहिरवार ने पत्नी की खुशी के लिए दीपक को गोद लिया था। बेटे को गोद लेने के बाद सब कुछ ठीक चल रहा था। मां मन्नू की मौत से दीपक का रो-रोकर बुरा हाल है। पड़ोसी उसे ढांढस बंधाने का प्रयास कर रहे हैं।

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