संपादकीय: डिजिटल संचालन की मजबूती
केंद्र सरकार ने अपनी आधिकारिक वेबसाइटों को नया रूप देना शुरू कर दिया है। केंद्र ने वेबसाइटों का नवीनीकरण किया है और सरकारी पहलों के बारे में जानकारी देने के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता केंद्र पर काम कर रही है। इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने सरकार की डिजिटल पहल को सुसंगत बनाने के लिए डिजिटल ब्रांड पहचान मैनुअल (डीबीआईएम) पेश किया है। इसमें सरकारी वेबसाइटों के लिए एक मानक डिज़ाइन भाषा बनाने की मांग की गई है।
डीबीआईएम का प्राथमिक उद्देश्य केंद्र सरकार के लिए एक एकीकृत व सुसंगत डिजिटल ब्रांड बनाना है। चूंकि डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म संपर्क के पहले बिंदु के रूप में उभर रहे हैं, इसलिए नए मैनुअल में कहा गया है कि राष्ट्रीय और वैश्विक दर्शकों के साथ प्रभावी ढंग से जुड़ने के लिए एक सुसंगत और आकर्षक ब्रांड उपस्थिति आवश्यक है। गौरतलब है कि प्रभावी ब्रांडिंग एक सकारात्मक छवि बनाती है। एक सुसंगत ब्रांड पहचान संभावित ग्राहकों को आपके मूल्यों को संप्रेषित करने और उन्हें समान मूल्यों के माध्यम से जुड़ा हुआ महसूस कराने का एक तरीका है।
बुधवार को केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद ने डीबीआईएम लांच के दौरान जोर दिया कि डीबीआईएम समान शासन की शुरुआत करके सरकार के न्यूनतम सरकार, अधिकतम शासन दृष्टिकोण को बढ़ाएगा, जिससे सभी मंत्रालयों और प्लेटफार्मों पर एक मानकीकृत और सुसंगत डिजिटल उपस्थिति सुनिश्चित होगी। वास्तव में डीबीआईएम के जरिए सरकार ने भारत के डिजिटल संचालन में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है।
इससे भारत का डिजिटल संचालन अधिक सुलभ, समावेशी और नागरिक-केंद्रित बन जाएगा। उन्होंने डिजिटल अर्थव्यवस्था के सकल घरेलू उत्पाद के 20 प्रतिशत तक पहुंचने के साथ मंत्रालयों से बेहतर सेवा वितरण के लिए डिजिटल उपकरण अपनाने का आग्रह किया। यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सुधार, प्रदर्शन और परिवर्तन के दृष्टिकोण के अनुरूप है, जो भारत के डिजिटल संचालन को अधिक सुलभ, समावेशी और नागरिक-केंद्रित बनाता है, जिससे वैश्विक स्तर पर देश के ई-गवर्नेंस तंत्र को मजबूती मिलती है। यह विकसित भारत 2047 के दृष्टिकोण में योगदान देने में अहम है।
इसकी सफलता में प्रमुख सरकारी नीतियों, योजनाओं और पहलों को आसानी से उपलब्ध कराने, पारदर्शिता और सार्वजनिक संपर्क में सुधार करने में केंद्रीय सामग्री प्रकाशन प्रणाली (सीसीपीएस ) की अहम भूमिका रहेगी। डिजिटल गवर्नेंस में नवाचार, दक्षता और सुरक्षा का भी महत्व है। इसलिए डीबीआईएम को राष्ट्रीय स्तर पर अपनाने से नागरिक सहभागिता में क्रांतिकारी बदलाव आएगा, जिससे विश्वास मजबूत होगा और डिजिटल क्षेत्र में सरकारी सेवा वितरण में वृद्धि होगी।
