नेता प्रतिपक्ष व विधायकों ने विधानसभा सत्र में उठाया बागजाला का मुद्दा

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Edited By Amrit Vichar
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हल्द्वानी,अमृत विचार: विधानसभा के बजट सत्र में  नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य के साथ ही हल्द्वानी विधायक सुमित हृदयेश और धारचूला  विधायक हरीश धामी ने गौलापार के बागजाला और बिंदुखत्ता के लोगों की जमीन के मालिकाना हक और राजस्व गांव के मुद्दे को उठाया। उन्होंने प्रदेश की धामी सरकार और लालकुआं विधायक मोहन सिंह बिष्ट से बागजाला और बिंदुखत्ता समेत सभी वन भूमि पर दशकों से बसे लोगों और खत्तावासियों को भूमि का मालिकाना अधिकार देने का प्रस्ताव विधानसभा से पारित कर केंद्र सरकार को भेजने की मांग की। साथ ही केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय से इस भूमि को डिफोरेस्ट करने की अनुमति प्राप्त कर राजस्व गांव की प्रक्रिया शुरू करने का अनुरोध किया।

इस मामले में भाकपा माले के जिला सचिव कैलाश पांडे ने अपना बयान जारी कर लालकुआं के भाजपा विधायक डॉ. मोहन सिंह बिष्ट पर आरोप लगाते हुए कहा कि  बागजाला और बिंदुखत्ता के लोगों का वोट लेकर विधायक बनने के बाद वह बागजाला और बिंदुखत्ता की जनता से किया गया वायदा भूल गए हैं। कहा कि विधायक यहां से चुने हुए जनप्रतिनिधि हैं लेकिन इस गंभीर मुद्दे पर चुप्पी साधे हुए हैं। 


बागजाला निवासी वन विभाग की ओर से दिए गए नोटिस और विकास कार्यों पर लगी रोक को हटाने की मांग पर लंबे समय से लड़ाई लड़ रहे हैं लेकिन उनके जनप्रतिनिधि होने के नाते लालकुआं विधायक बिष्ट ने उनकी आवाज को आगे बढ़ाने के बजाय  उनसे पूरी तरह किनारा कर लिया है। विधायक ने बिंदुखत्ता को राजस्व गांव का वादा कर जीतने के बाद यहां की भूमि को डिफोरेस्ट करने के लिए विधानसभा में प्रस्ताव लाने के लिए कोई पहल नहीं की। 

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