मुरादाबाद: शादीशुदा युवक ने धर्म छिपाकर की हिंदू युवती से शादी, रिपोर्ट दर्ज

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

मुरादाबाद, अमृत विचार। मझोला थाना क्षेत्र की हिंदू महिला ने भोजपुर थाना क्षेत्र के युवक पर खुद को हिंदू बताकर शादी करने, दहेज मांगने और उसके बच्चों को जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाते हुए आरोपी युवक और उसके परिजनों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। मझोला थाना पुलिस ने एसएसपी के आदेश पर रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

मझोला थाना क्षेत्र के बुद्धि विहार की रहने वाली रूबी अग्रवाल ने एसएसपी को दिए गए शिकायती पत्र में बताया कि उसकी शादी 28 फरवरी 2022 को राज उर्फ इकरार से हुई थी। महिला ने बताया कि वह राज उर्फ इकरार को सिर्फ एक साल से जानती थी और उसके साथ रिलेशन में थी। शादी के दो साल बाद पीड़िता को जानकारी हुई कि उसका पति राज उर्फ इकरार मुस्लिम है, जबकि राज ने उसे हिंदू बताकर शादी की थी। पीड़िता को यह भी पता चला कि राज उर्फ इकरार पहले से ही शादीशुदा है और उसके तीन बच्चे भी हैं। पीड़िता का आरोप है कि पति ने उसका तीन बार गर्भपात भी कराया। पीड़िता का आरोप है कि उसका पति राज उर्फ इकरार, उसकी पहली पत्नी अफसाना, इसरार, राजा व जर्रार उसे लगातार धमकी दे रहे हैं कि दहेज में पांच लाख रुपये लाकर दो वरना तुम्हारे बच्चों को मार देंगे।

पुलिस से शिकायत के बाद समझौते के लिए दबाव बना रहे हैं और बदले में एक लाख रुपये तथा पीपलसाना में 100 गज का प्लॉट मांग रहे हैं। एसएसपी सतपाल अंतिल के आदेश पर मझोला पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर ली। थाना मझोला के प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि एक महिला समेत पांच नामजद लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जांच की जा रही है।

संबंधित समाचार

टॉप न्यूज

सीतापुर में 7 शिक्षकों की सेवाएं समाप्त, फर्जी मार्कशीट के आधार पर पाई थी नौकरी
गंगाराम की मौत पर रोया पूरा गाँव, नहीं जला घर का चूल्हा, 130 सालों तक तालाब में रहने की क्या है कहानी; NCERT के पाठ्यक्रम में शामिल
NEET विवाद पर छात्रों के समर्थन में आए वरुण धवन और नोरा फतेही, बोले- हर छात्र निष्पक्ष और भरोसेमंद व्यवस्था का हकदार
Parliament Monsoon Session Day 5: लोकसभा की कार्यवाही 27 जुलाई तक स्थगित, किरण रिजिजू बोले- NEET पर चर्चा जरूरी, देश को सही संदेश जाना चाहिए
''छात्रों को धमकाने की हिम्मत कैसे हुई?'' , राहुल गांधी का सरकार पर हमला, कहा- छात्रों को लोकतांत्रिक अधिकारों से नहीं डराया जा सकता