पीलीभीत: भालू आया...भालू आया का मचा शोर, माला कॉलोनी के आबादी क्षेत्र में फैली दहशत

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Edited By Amrit Vichar
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पीलीभीत, अमृत विचार। पीलीभीत टाइगर रिजर्व के जंगल से निकलकर एक भालू माला कॉलोनी के आबादी क्षेत्र में जा पहुंचा। सुबह-सवेरे आबादी क्षेत्र में भालू के आने का शोर मच गया। आसपास के लोगों में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही वन अधिकारियों की टीम मौके पर पहुंच गई। करीब आधे घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद भालू को पिंजड़े में कैद कर लिया गया। फिलहाल भालू के असामान्य व्यवहार के चलते उसे तीन दिन के लिए निगरानी में रखा गया है।

मामला माला रेंज से सटी माला कॉलोनी का है। बुधवार सुबह एक भालू माला कॉलोनी की आबादी क्षेत्र के पास देखा गया। आबादी के बीच घूमते भालू को देख ग्रामीणों में हड़कंप मच गया। इसी बीच कुछ ग्रामीणों ने इसकी वीडियो भी बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दी। हालांकि कुछ ग्रामीणों का कहना था कि भालू मंगलवार रात भी आबादी में पहुंचा था। इसकी सूचना वन विभाग को दी गई थी। जिस पर टीम ने मौके पर पहुंचकर भालू को जंगल में खदेड़ दिया था। इधर बुधवार सुबह फिर भालू ने आबादी क्षेत्र में पहुंच गया। सूचना मिलते ही पीलीभीत टाइगर रिजर्व और वन एवं वन्यजीव प्रभाग की टीमें मौके पर पहुंच गई। भालू के असामान्य व्यवहार को देखते हुए इसकी जानकारी उच्चाधिकारियों को दी गई। उच्चाधिकारियों के निर्देश पर भालू को रेस्क्यू करने की रणनीति बनाई गई। प्रशिक्षु आईएफएस विपिन वर्मा के नेतृत्व में करीब आधे घंटे तक चले अभियान के दौरान भालू को पिंजड़े में कैद कर लिया। रेस्क्यू किए गए भालू को माला रेंज स्थित गेस्टहाउस परिसर में रखा गया है।

आईवीआरआई की टीम ने किया निरीक्षण
आबादी क्षेत्र में पहुंचे भालू के रेस्क्यू के दौरान की उसकी गतिविधियां खासी असामान्य से नजर आई थी। इस पर भालू का स्वास्थ्य परीक्षण कराने का निर्णय लिया गया है। आईवीआरआई बरेली से पहुंची पशु चिकित्सकों की चार सदस्यीय टीम ने भालू का स्वास्थ्य परीक्षण किया। वन अफसरों के मुताबिक भालू की तीन दिन के लिए निगरानी में रखा जाएगा। इसके बाद ही उसे छोड़ने पर विचार किया जाएगा।

जंगल से भटककर पहुंचे मादा भालू के असामान्य व्यवहार के दृष्टिगत उसे रेस्क्यू कर लिया गया है। आईवीआरआई के पशु चिकित्सकों की टीम द्वारा भालू का स्वास्थ्य परीक्षण एवं प्राथमिक उपचार किया गया है। तीन दिन की निगरानी के बाद उसे छोड़ने के बारे में निर्णय लिया जाएगा। - भरत कुमार डीके, डीएफओ, वन एवं वन्यजीव प्रभाग।

 

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