श्रम विभाग में गड़बड़झाले की आहट, अल्मोड़ा और बागेश्वर में भी होगा ऑडिट
अमृत विचार, अल्मोड़ा। उत्तराखंड भवन एवं कर्मकार कल्याण बोर्ड में हुई वित्तीय अनियमितताओं का मामला प्रकाश में आने के बाद अब अल्मोड़ा और बागेश्वर जिलों में भी स्पेशल ऑडिट कराया जाएगा। महालेखाकार कार्यालय को यह जिम्मा मिलने के बाद यहां के अधिकारियों से भी अब तक बांटे गए सभी सामान और उपकरणों की सूची तलब …
अमृत विचार, अल्मोड़ा। उत्तराखंड भवन एवं कर्मकार कल्याण बोर्ड में हुई वित्तीय अनियमितताओं का मामला प्रकाश में आने के बाद अब अल्मोड़ा और बागेश्वर जिलों में भी स्पेशल ऑडिट कराया जाएगा। महालेखाकार कार्यालय को यह जिम्मा मिलने के बाद यहां के अधिकारियों से भी अब तक बांटे गए सभी सामान और उपकरणों की सूची तलब की गई है। ताकि उसका सत्यापन कर वास्तविक स्थिति सामने आ सके।
कर्मकार कल्याण बोर्ड में भवन निर्माण श्रमिकों से जुड़ी सुविधाओं का लाभ अपात्रों को दिए जाने, साइकिल से लेकर सिलाई मशीन, टूल किट, गैर श्रमिकों के कार्ड बनाकर उन्हें वित्तीय लाभ दिए जाने की शिकायतों के मिलने के बाद से सरकार ने बीते दिनों बोर्ड का ढांचा बदल दिया था। अल्मोड़ा और बागेश्वर जिलों से भी कोरोना काल में राशन किटों का वितरण किसी बाहरी प्राइवेट कंपनी से कराए जाने और पात्रों को यह किट न मिलने की शिकायत सरकार तक पहुंची थी। लेकिन जिले में कितने राशन किट बंटे इसकी स्वयं श्रम विभाग को जानकारी नहीं है। इस मामले को भी महालेखाकार कार्यालय ने गंभीरता से लेते हुए इसे अपनी जांच के दायरे में लिया है और निर्धारित प्रारूप पर वितरण सामग्री की सूची तलब की है।
कर्मकार बोर्ड द्वारा अल्मोड़ा और बागेश्वर जिलों में अब तक बांटे गए छाते, कंबल, सिलाई मशीन, साइकिल, टूल किटों का वर्षवार विवरण मांगा गया है। संबंधित अधिकारियों को तय समय में सूची तैयार करने के निर्देश दे दिए गए हैं। राशन किटों के बारे में हमें कोई जानकारी नहीं है।-उमेश चंद्र रॉय, सहायक श्रम आयुक्त, अल्मोड़ा
