नैनीताल: तीन करोड़ के गबन मामले में उच्च न्यायालय ने सरकार से मांगा जबाव

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नैनीताल। उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने काशीपुर के महुआखेड़ागंज स्थित कोआपरेटिव बैंक में तीन करोड़ रुपये गबन मामले में सरकार और काशीपुर थाना प्रभारी से जवाब मांगा है। कोर्ट ने बहुद्देशीय दक्षिणी काशीपुर किसान सेवा सहकारी समिति से सभी खाताधारकों के दस्तावेज चार सप्ताह के अंदर अदालत में पेश करने के निर्देश दिए हैं।मामले में अकरम …

नैनीताल। उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने काशीपुर के महुआखेड़ागंज स्थित कोआपरेटिव बैंक में तीन करोड़ रुपये गबन मामले में सरकार और काशीपुर थाना प्रभारी से जवाब मांगा है। कोर्ट ने बहुद्देशीय दक्षिणी काशीपुर किसान सेवा सहकारी समिति से सभी खाताधारकों के दस्तावेज चार सप्ताह के अंदर अदालत में पेश करने के निर्देश दिए हैं।
मामले में अकरम अली की ओर से चुनौती दी गई है। इस प्रकरण की सुनवाई मंगलवार को कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश रवि मलिमथ एवं न्यायमूर्ति रवींद्र मैठाणी की खंडपीठ में हुई।

याचिकाकर्ता की ओर से जनहित याचिका दायर कर कहा कि महुआखेड़ा गंज स्थित कोआपरेटिव बैंक में तत्कालीन प्रबंधक रईस अहमद की ओर से तीन करोड़ रुपये का गबन किया गया है। खाताधारकों द्वारा जब इसकी शिकायत प्रबंध निदेशक से की गई तो एमडी ने आरोपी प्रबंधक को एनओसी जारी कर दी। याचिकाकर्ता की ओर से कहा गया कि पुलिस की ओर से भी मैनेजर को क्लीन चिट दे दी गई।

इसके बाद सरकार ने एमडी को बर्खास्त कर दिया। याचिकाकर्ता की ओर से मांग की गई है कि इस पूरे प्रकरण की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो और सभी खातों की आडिट भारतीय रिजर्व बैंक से कराई जाए ताकि गबन पर से पर्दा उठ सके। याचिकाकर्ता के अधिवक्ता शिव भट्ट ने बताया कि अदालत ने मामले को सुनने के बाद समिति को निर्देश दिया है कि सभी खाताधारकों के दस्तावेज अदालत में पेश किए जाएं ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि खाताधारकों के खातों में पैसे जमा हुए कि नहीं। मामले की सुनवाई चार सप्ताह बाद होगी।

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