फर्जी पैन कार्ड मामले में आजम और उनके बेटे की जमानत याचिका खारिज
प्रयागराज। इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने धोखाधड़ी से फर्जी पैन कार्ड हासिल करने के मामले में आजम खान और उनके बेटे मोहम्मद अब्दुल्ला आजम खान की जमानत याचिका गुरूवार को खारिज कर दी। न्यायमूर्ति सुनीत कुमार ने जमानत याचिकाओं को खारिज करते हुए कहा, कि आरोपी व्यक्तियों की स्थिति, अपराधों की पुनरावृत्ति और व्यापक प्रभाव जिसे …
प्रयागराज। इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने धोखाधड़ी से फर्जी पैन कार्ड हासिल करने के मामले में आजम खान और उनके बेटे मोहम्मद अब्दुल्ला आजम खान की जमानत याचिका गुरूवार को खारिज कर दी। न्यायमूर्ति सुनीत कुमार ने जमानत याचिकाओं को खारिज करते हुए कहा, कि आरोपी व्यक्तियों की स्थिति, अपराधों की पुनरावृत्ति और व्यापक प्रभाव जिसे उन्होंने प्रदेश के विभन्नि विभागों में उपयोग किया।
साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ की आशंका है। ऐसी परस्थिति में इस चरण में जमानत देना जनहित में नहीं होगा। इसलिए जमानत याचिका खारिज की जाती है। हालांकि अदालत ने कहा कि सुनवाई में तथ्य पेश किए जाने और गवाहों के बयानों के बाद आवेदक जमानत के लिए अदालत से संपर्क करने को स्वतंत्र हैं।
अदालत ने कहा, कि फर्जी जन्म तिथि आजम खान के कैबिनेट मंत्री रहते हासिल की गई क्योंकि नगर निगम उनके मंत्रालय के अधीन था। इन आरोपों से गहरे आपराधिक षड्यंत्र, पद के दुरुपयोग की झलक मिलती है। मामले से संबंधित प्राथमिकी में कहा गया है कि मोहम्मद अब्दुल्ला आजम खान के नाम पर जारी एक पैन कार्ड में उनकी जन्मतिथि एक जनवरी, 1993 अंकित है जोकि हाईस्कूल के प्रमाण पत्र के अनुसार है। यह पैन मोहम्मद अब्दुल्ला के बैंक खाते से जुड़ा है।
