वक्फ कानून गरीब मुसलमानों के लिए वरदान: मोहसिन रजा बोले- यूपी में अरबों-खरबों की वक्फ जमीनें हैं, पर इनसे आमदनी शून्य

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Edited By Amrit Vichar
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कानपुर, अमृत विचार। योगी सरकार के राज्यमंत्री एवं वर्तमान में उत्तर प्रदेश राज्य हज कमेटी के चेयरमैन मोहसिन रजा का कहना है कि वक्फ कानून गरीब मुसलमानों के लिए वरदान साबित होगा। उनके उत्थान के लिए इससे बेहतर मौका नहीं मिल सकता क्योंकि तमाम लोग वक्फ की जमीनों पर कब्जा करके करोड़पति बन गए लेकिन गरीबों को इसका कोई लाभ नहीं मिला। 

उत्तर प्रदेश राज्य हज कमेटी के चेयरमैन मोहसिन ने दैनिक अमृत विचार संवाददाता से बातचीत में कहा कि उत्तर प्रदेश में 1 लाख 30 हजार एकड़ भूमि वक्फ की है लेकिन इन संपत्तियों की आय शून्य है। आखिर इन संपत्तियों से जो पैसा आ रहा, वह कहां जा रहा है। पहले की सरकारें अपने किसी चहेते को वक्फ संपत्ति का मुतवल्ली बना देती थीं और वक्फ की जायदाद पर मार्केट, दुकानें, रिहाइशी बिल्डिंग बना दी जाती थी। दोनों मिल बांटकर लूट खसोट करते थे लेकिन अब वक्फ कानून आ चुका है। अब उत्तर प्रदेश सरकार बहुत ठोंक बजाकर वक्फ जायदाद का मुतवल्ली नियुक्त करेगी। 

जो लोग वक्फ जायदाद को खुर्द-बुर्द करके करोड़पति बने हैं, उनकी जांच होना तय है। वक्फ संपत्ति पर कौन मुतवल्ली होगा, आवेदन करने पर इसके लिए मुतवल्ली की बाकायदा पूरी जांच होगी, जिलाधिकारी स्वीकृत देंगे, तब कोई मुतवल्ली बनेगा। ऐसे में कोई गड़बड़ी नहीं कर पाएगा। उन्होंने कहा कि वक्फ संपत्तियों का मुतवल्ली मुसलमान ही होगा। उन्होंने ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि वक्फ कानून का विरोध करने वाले बोर्ड में ज्यादातर सियासी लोग हैं जो किसी न किसी पार्टी से जुड़े हैं और अपने स्वार्थ के लिए वक्फ कानून की मुखालिफत कर रहे हैं।

हॉस्पिटल, शिक्षण संस्थान क्यों नहीं बनाए 

मोहसिन रजा ने कहा कि वक्फ की इतनी संपत्ति है लेकिन मुसलमानों की आर्थिक एवं शैक्षिक स्थिति बहुत खराब है। इन सपत्तियों पर अगर हॉस्पिटल या शिक्षण संस्थान बना दिए जाते तो मुसलमानों को कितना लाभ होता। वक्फ माफियाने अपनी झोली तो भरी लेकिन गरीब मुसलमानों की ओर मुड़कर भी नहीं देखा। अब गरीब मुसलमानों के साथ इंसाफ होगा।

किसी अजनबी की कॉल पर प्रदर्शन नहीं करें-बोर्ड 

ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने मुसलमानों से गुजारिश की है कि किसी अजनबी के कॉल पर किसी भी प्रकार का प्रदर्शन नहीं करें क्योंकि ऐसी कॉल कोई साजिश भी हो सकती है। बोर्ड के अध्यक्ष मौलाना सैफुल्लाह रहमानी, जमीअत उलमा हिंद के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं बोर्ड के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी समेत कई बोर्ड सदस्यों के हस्ताक्षर से इस प्रकार का संदेश जारी किया गया है।   बताते चलें कि बोर्ड ने वक्फ संशोधन कानून के विरोध में मोर्चा खोल रखा है। बोर्ड वक्फ बचाओ आंदोलन चला रहा है, बोर्ड ने कहा है कि बोर्ड या अन्य कोई जिम्मेदार संस्था जबतक कॉल नहीं दे, तबतक किसी आंदोलन में भाग नहीं लें। जो राज्य या शहर अतिसंवेदनशील हैं, वहां कोई धरना प्रदर्शन या जुलूस नहीं निकालें।

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