रामपुर: शाहबाद में बुलडोजर गरजा...सरकारी जमीन पर बनी आठ दुकानों को किया ध्वस्त

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Edited By Amrit Vichar
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शाहबाद, अमृतविचार। बुधवार को नगर में रामलीला मैदान के सामने बनी आठ दुकानों पर प्रशासन का कहर बरपा। पुलिस की मौजूदगी में सरकारी भूमि पर बनी आठ दुकानों को बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया गया।

नगर में रामलीला मैदान के सामने सालों पुरानी दुकानें बनी हैं। जांच में हलका लेखपाल ने इन दुकानों को अवैध करार दिया था। इसके बाद लेखपाल ने नगर पंचायत की ओर से धारा 67 के अंतर्गत तहसीलदार कोर्ट में बेदखली का मुकदमा कायम कराया था। लेखपाल के मुताबिक यह दुकानें सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा कर बनाई गई थीं। कुछ ही जमीन निजी थी। बुधवार को मुकदमा जीतने के बाद नगर पंचायत ने दुकानदारों को दुकाने खाली करने के निर्देश दिए। इसके बाद तहसील प्रशासन और पुलिस की मदद से दुकानों पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई।

बुधवार को प्रशासन की ओर से दुकानदारों को दुकान खाली करने के निर्देश दिए गए। जिससे दुकानदारों के होश उड़ गए। दुकानदार दुखी मन से दुकानें खाली करने में जुट गए। साथ ही दुकानदारों ने चारों तरफ नेताओं को फोन घुमाना शुरू कर दिया कि किसी तरह उनकी दुकानें बच जाएं। यहां तक कि वह एक भाजपा नेता को लेकर तहसीलदार के पास पहुंचे, लेकिन किसी भी सिफारिश काम नहीं आ सकी और दुकानों को जेसीबी की मदद से गिरा दिया गया।

दुकानदार अजय कुमार गुप्ता के मुताबिक वह इस दुकान में बीते चालीस साल से किरायेदार थे। उस दौरान पगड़ी के तौर पर राजेश गुप्ता को पांच लाख रुपए दिए थे। इसके बाद से लगातार किराया भी दते आ रहे थे। आरोप है कि इस बीच प्रशासन की मिलीभगत से दुकानों में ताले डाल दिए गए। दुकानदार ने मांग की है कि दुकान पर मालिकाना हक जताने वाले व्यक्ति को पगड़ी और किराए के रूप में दी गई  रकम वापस दिलाई जाए।

तहसीलदार शाहबाद राकेश चंद्रा ने बताया कि यह दुकानें बंजर भूमि पर बनाई गईं थीं। हलका लेखपाल ने नगर पंचायत की ओर से हमारी कोर्ट में मुकदमा कायम कराया था। अब नगर पंचायत यह मुकदमा जीत गई। जिस पर आठ दुकानों को जेसीबी से ध्वस्त कराया गया।

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