देहरादून: अशोक कुमार बने उत्तराखंड के नए डीजीपी

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देहरादून। भारतीय पुलिस सेवा के वरिष्ठ अधिकारी अशोक कुमार ने सोमवार को राज्य के 11वें पुलिस महानिदेशक का कार्यभार संभाल लिया। आईपीएस कुमार वर्ष 1989 के भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के अधिकारी हैं। पुलिस मुख्यालय में आयोजित कार्यक्रम में वर्तमान डीजीपी अनिल रतूड़ी ने नए महानिदेशक को कार्यभार सौंपा। आईपीएस अशोक कुमार अपने लगभग तीन …

देहरादून। भारतीय पुलिस सेवा के वरिष्ठ अधिकारी अशोक कुमार ने सोमवार को राज्य के 11वें पुलिस महानिदेशक का कार्यभार संभाल लिया। आईपीएस कुमार वर्ष 1989 के भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के अधिकारी हैं। पुलिस मुख्यालय में आयोजित कार्यक्रम में वर्तमान डीजीपी अनिल रतूड़ी ने नए महानिदेशक को कार्यभार सौंपा।

आईपीएस अशोक कुमार अपने लगभग तीन दशक के सेवाकाल में अविभाजित उत्तर प्रदेश से लेकर उत्तराखंड पुलिस, आईटीबीपी और बीएसएफ के महत्वपूर्ण पदों पर तैनात रहे हैं। अशोक कुमार का जन्म 20 नवंबर 1964 को हरियाणा के पानीपत जिले के कुराना गांव में हुआ था। उन्होंने प्रारंभिक शिक्षा गांव के ही सरकारी स्कूल से प्राप्त की। इसके बाद आईआईटी दिल्ली से बीटेक और एमटेक की शिक्षा प्राप्त की थी। अशोक कुमार की पहली पोस्टिंग उत्तर प्रदेश  के इलाहाबाद जिले में बतौर एएसपी हुई थी।

कुमाऊं में खुलेगा साइबर थाना: डीजीपी

राज्य के नवनियुक्त पुलिस महानिदेशक आईपीएस अशोक कुमार ने कहा है कि शीघ्र ही कुमाऊं परिक्षेत्र में साईबर थाना खोला जाएगा। इससे वहां की जनता को बैंकिंग धोखाधड़ी, ऑनलाइन शॉपिंग, मनी ट्रांजेक्शन, सोशल मीडिया संबंधी मामलों की शिकायत दर्ज कराने में आसानी होगी। कार्यभार ग्रहण करने के बाद उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड पुलिस को स्मार्ट बनाना एवं पुलिस की दक्षता को बढ़ाना उनकी प्राथमिकता में है। पीड़ित केन्द्रित पुलिसिंग हमारा लक्ष्य है, जिससे पीड़ितों को तत्काल न्याय दिलाया जाए।

पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि पुलिस व्यवस्था ऐसी की जाएगी कि बदमाशों में पुलिस का खौफ होगा और आम जनता में पुलिस के प्रति विश्वास बढ़ेगा। थानों में जन शिकायतों को शत-प्रतिशत रिसीव कर समय पर उनका निस्तारण किया जाएगा। शिकायत रिसीव नहीं करने पर दोषी पुलिसकर्मियों को दण्डित करेंगे। महिलाओं, नाबालिगों एवं बुजुर्गो के प्रति पुलिस को और अधिक संवेदनशील बनाया जायेगा, जहां पर इन सुनवाई के लिये अलग से प्रकोष्ठ स्थापित हैं, उनको और अधिक सशक्त किया जायेगा और जहां नही हैं वहां आवश्यकता के अनुसार नये प्रकोष्ठ स्थापित किये जायेंगे।

पुलिस प्रशिक्षण हमारी विशेष प्राथमिकताओं में है, प्रशिक्षण को संवेदनशील बनाया जाएगा। थानों को महिलाओं के लिए सुविधाजनक बनाया जाएगा, जिससे उन्हें थाने पर जाने में झिझक महसूस न हो। प्रत्येक थाने में महिला उपनिरीक्षक एवं महिला आरक्षी की नियुक्ति आवश्यक रूप से की जायेगी। महिला संबंधी शिकायतों का निस्तारण समय से हो इसका पर्यवेक्षण जनपदों के साथ ही मुख्यालय स्तर से भी निरन्तर किया जाएगा।

डीजीपी ने कहा कि साइबर अपराध न्यू ट्रेंड का अपराध है, इस पर नियत्रंण साइंसटिफिक एवं फारेंसिक तरीके से करना है। जनपदों के साइबर सेल को और अधिक सशक्त किया जाएगा। उन्हें जीरो एफआईआएर दर्ज करने का अधिकार दिया जाएगा।आगामी कुम्भ मेला ऐसे दौर में हो रहा है, जबकि कोविड-19 जैसी महामारी से विश्व जूझ रहा है। कुम्भ मेला सुरक्षित रूप से सम्पन्न हो यह हमारी प्राथमिकताओं मे रहेगा।

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