मास्क है जरूरी
देश में कोरोना वायरस ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है। दिल्ली समेत कई राज्यों में इसके मामलों में लगातार बढ़ोतरी देखी जा रही है। साथ-साथ मौत का आंकड़ा भी तेजी से बढ़ता जा रहा है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के मंगलवार को अद्यतन आंकड़ों के मुताबिक भारत में एक दिन में कोविड-19 के 31,118 …
देश में कोरोना वायरस ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है। दिल्ली समेत कई राज्यों में इसके मामलों में लगातार बढ़ोतरी देखी जा रही है। साथ-साथ मौत का आंकड़ा भी तेजी से बढ़ता जा रहा है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के मंगलवार को अद्यतन आंकड़ों के मुताबिक भारत में एक दिन में कोविड-19 के 31,118 नए मामले सामने आने के बाद देश में संक्रमण के मामले बढ़कर 94,62,809 हो गए, वहीं 482 और लोगों की मौत के बाद मृतकों की संख्या बढ़कर 1,37,621 हो चुकी है।
कोरोना के आंकड़ों में वृद्धि के चलते ही केंद्र सरकार की ओर से ‘निगरानी, रोकथाम और सावधानी’ के दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। मंगलवार से पूरे देश में कोरोना की नई गाइडलाइंस लागू कर दी गई है। नई गाइडलाइंस के तहत कुछ राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों, जहां कोरोना के मामले बढ़ रहे हैं, वहां रात्रिकालीन कर्फ्यू जैसी पाबंदियां लगाई जा सकती हैं। उत्तर प्रदेश में भी हालात का आकलन करने को कहा गया है। उत्तर प्रदेश सरकार ने कोरोना की स्थिति का आकलन करके जिलों में रात्रिकालीन कर्फ्यू लगाने का जिम्मा जिलाधिकारियों पर छोड़ दिया है।
अगर हालात काबू में नहीं आए तो संभव है कि पहले रात्रिकालीन कर्फ्यू लगाया जाए और उसके बाद फिर से लाकडाउन की नौबत आ जाए। यह स्थिति हर हाल में जन-जीवन के लिए मुश्किलें पैदा करेगी, क्योंकि लाकडाउन लगने का खमियाजा हम सब पहले ही भुगत चुके हैं। बावजूद इसके बहुत सारे लोग कोरोना से बचाव को मास्क लगाने व सामाजिक दूरी बनाकर रखने जैसे जरूरी उपाय के प्रति गंभीर नजर नहीं आते। सड़क और बाजारों में कोविड गाइडलाइन की अनदेखी कर रहे हैं।
असल में, हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि सरकार सिर्फ हमें जागरूक कर सकती है। उसकी भी अपनी सीमाएं हैं, इसलिए कोरोना से बचाव के लिए असल प्रयास तो हम सबको ही करने हैं। इसी कड़ी में उत्तराखंड राज्य के हल्द्वानी शहर में पेट्रोल पंप संचालकों ने एक सराहनीय पहल की है।
पर्वतीय पेट्रोलियम एसोसिएशन के बैनर तले पेट्रोल पंप संचालकों ने मास्क न पहनने वाले वाहन चालकों को पेट्रोल और डीजल न देने का निर्णय लिया है। इसके लिए सभी पेट्रोल पंपों पर ‘नो मास्क-नो पेट्रोल’ के फ्लैक्सी लगाए गए हैं ताकि लोगों में मास्क की जरूरत के लिए जागरूकता उत्पन्न हो सके। सामाजिक सरोकार से जुड़ी इस तरह की पहल अन्य राज्यों के दूसरे शहरों में भी की जानी चाहिए। बेहतर यही है कि हम सब अपने स्तर पर ही बचाव के लिए ‘दो गज की दूरी- मास्क है जरूरी’ को अपनाएं।
