बरेली: कृषि कानूनों के विरोध में आरएलडी का प्रदर्शन
बरेली,अमृत विचार। राष्ट्रीय लोकदल (आरएलडी) के प्रदेशीय आह्वान पर किसानों की समस्याओं और हाल ही में संसद में पारित तीन कृषि कानूनों के विरोध में बुधवार को आरएलडी के बैनर तले कचहरी स्थित चौधरी चरण सिंह पार्क में किसानों ने प्रदर्शन किया। इस दौरान जिलाध्यक्ष बाकर अली उर्फ पप्पू भाई के नेतृत्व में पहुंचे किसानों …
बरेली,अमृत विचार। राष्ट्रीय लोकदल (आरएलडी) के प्रदेशीय आह्वान पर किसानों की समस्याओं और हाल ही में संसद में पारित तीन कृषि कानूनों के विरोध में बुधवार को आरएलडी के बैनर तले कचहरी स्थित चौधरी चरण सिंह पार्क में किसानों ने प्रदर्शन किया। इस दौरान जिलाध्यक्ष बाकर अली उर्फ पप्पू भाई के नेतृत्व में पहुंचे किसानों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
इसके बाद पैदल मार्च कर कलेक्ट्रेट पहुंचे और राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन एसीएम प्रथम को सौंपा। किसानों का कहना था कि अब उन्हें प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री पर भरोसा नहीं है, इसलिए राष्ट्रपति को ज्ञापन भेज रहे हैं।
धरने को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष ने कहा कि हमारे कृषि प्रधान देश के किसानों ने सदैव देश की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। कोरोना जैसी वैश्विक महामारी और लाकडाउन के दौर में भी किसानों ने उत्पादन करके अर्थव्यवस्था में जीडीपी में महत्वपूर्ण सहयोग दिया इसके बावजूद केंद्र सरकार ने कृषि संबंधी ऐसे कानून पारित किए जिनके लागू होने से किसानों की स्थिति सोचनीय ही नहीं बल्कि दयनीय हो गई है। इसलिए किसान इन किसान विरोधी काले कानून का विरोध कर रहे हैं लेकिन केंद्र सरकार सुनने को तैयार नहीं है।
महानगर अध्यक्ष अमित पाठक ने किसानों की समस्याओं के मुद्दे उठाए। कहा कि जनपद की चीनी मिलों पर पिछले वर्ष का गन्ने का लाखों रुपये का बकाया है जो किसानों को अभी तक नहीं मिला। इसके अलावा धान क्रय केंद्रों पर बिचौलियों का बोलबाला है। इसकी वजह से किसानों को परेशानी उठानी पड़ रही है। राजवीर उपाध्याय ने कहा कि सरकार ने बिजली के दाम काफी बढ़ा दिए हैं जो किसानों के हित में नहीं है। डीजल पेट्रोल के मूल्य में लगातार वृद्धि से सिंचाई करना मुश्किल हो गया है।
कमलजीत ने महानगर की जर्जर सड़कों का मुद्दा उठाया। कहा कि शहर में लगातार सड़कें खोदी जा रहीं हैं। इससे आवागमन में लोगों को असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। संबंधित संस्था की लापरवाही के कारण कई स्थानों पर बड़ी अनहोने तक होने से बच गई। शहादत हुसैन ने कहा कि सरकार ने यदि मांगें नहीं मानीं तो आंदोलन लंबे समय तक चलेगा। इसकी तैयारियां पूर्ण की जा चुकी है। प्रदेशीय आह्वान पर जल्द ही बड़ी संख्या में जिले के किसान भी दिल्ली के लिए कूच कर जाएंगे।
ज्ञापन देने वालों में जाफर हुसैन मंसूरी, हिमांशु गोस्वामी, राजवीर उपाध्याय, कमलजीत सिंह, ओमपाल कश्यप, छेदालाल मौर्या, नाजिया, संगीता, विनय कश्यप, वीरेंद्रपाल गंगवार, अंशिका, अनीस अहमद, पप्पू कश्यप, सुरेश कश्यप, अलाउद्दीन, रूपकिशोर, नत्थू भाई, आसिफ, असगर अली, सुधीश शंखधार, मुकेश वर्मा, रफीक अहमद, विजय बहादुर, समीर खान आदि शामिल रहे।
