Farmers Protest Live: कृषि कानून विवाद पर निकलेगा समाधान या तेज होगा आंदोलन? 5वें दौर की बैठक जारी
नई दिल्ली । कृषि सुधार कानूनों को लेकर किसानों और सरकार के बीच शनिवार को पांचवे दौर की बातचीत चल रही है। केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर और रेल और मंत्री पीयूष गोयल विज्ञान भवन किसानों से बातचीत करने के लिए पहुंचे हैं। विज्ञान भवन में किसान संगठनों के 40 प्रतिनिधि बातचीत के लिए …
नई दिल्ली । कृषि सुधार कानूनों को लेकर किसानों और सरकार के बीच शनिवार को पांचवे दौर की बातचीत चल रही है। केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर और रेल और मंत्री पीयूष गोयल विज्ञान भवन किसानों से बातचीत करने के लिए पहुंचे हैं। विज्ञान भवन में किसान संगठनों के 40 प्रतिनिधि बातचीत के लिए मौजूद हैं।

टी ब्रेक में किसान नेताओं ने मंगाया अपना नाश्ता।
सरकार और किसान नेताओं की बैठक में 15 मिनट का टी ब्रेक हुआ है। किसान संगठनों ने बैठक में कहा कि हम सरकार से चर्चा नहीं, ठोस जवाब चाहते हैं वो भी लिखित में। अब तक बहुत चर्चा हो चुकी है।

-बैठक को लेकर आम आदमी पार्टी के नेता राघव चड्ढा ने केंद्र की नीयत पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा, रोज़ाना हम देख रहे हैं कि ये बैठक कर रहे हैं, इतनी सरल मांगें हैं, तो रोज़ बैठक करने का क्या मतलब है। जिस प्रकार से आप रोज़ बैठक किए जा रहे हैं, उससे आपके नियत पर सवाल खड़ा होता है। अपनी नियत को साफ रखें और देश के किसानों की बात मानें।
-नई दिल्ली के विज्ञान भवन में सरकार और किसानों के बीच पांचवें के दौर की बैठक शुरू हो गई है। सरकार की ओर से केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर और पीयूष गोयल मौजूद हैं। इस बैठक से पहले केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और रक्षामंत्री राजनाथ सिंह समेत केंद्रीय मंत्रियों ने प्रदर्शनकारियों के समक्ष दिए जाने वाले संभावित प्रस्ताव पर विचार-विमर्श के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की।
-केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले ने कहा कि किसानों का गलतफहमी में आंदोलन करना सही नहीं है, ये कानून किसानों के हित में हैं। जानबूझकर विपक्ष किसानों को भटका रहा है, सरकार बातचीत कर रही है और कोई न कोई मार्ग निकलेगा।
कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा है कि किसान संगठनों को आंदोलन का रास्ता छोड़ कर बातचीत से समस्या का समाधान करना चाहिए । उन्होंने कहा कि भारत बंद भी किया जाता है तो बातचीत से ही रास्ता निकल सकता है।
केंद्र सरकार के साथ कृषि कानूनों पर होने वाली बैठक पर किसान संयुक्त मोर्चा के प्रधान रामपाल सिंह ने कहा, “आज आर-पार की लड़ाई करके आएंगे, रोज-रोज बैठक नहीं होगी। आज बैठक में कोई और बात नहीं होगी, सिर्फ कानूनों को रद्द करने के लिए ही बात होगी।
किसानों के मुद्दे पर शनिवार सुबह गृहमंत्री अमित शाह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलने पहुंचे। आज किसान संगठनों के साथ पांचवें की दौर की बैठक से पहले ये बड़ी मीटिंग हो रही है। इस बैठक में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर भी मौजूद हैं। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल भी मीटिंग में शामिल होने पहुंचे हैं।
पिछले दस दिन से राष्ट्रीय राजधानी में चल रहे इस आंदोलन की सफलता को देखते हुए अन्य राज्यों में भी आन्दोलन शुरू हो गया है या राज्यों की ओर से किसानों का समर्थन किया गया है ।
बिहार में राष्ट्रीय जनता दल ने आज से धरना प्रदर्शन करने की घोषणा की है । भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी लेनिनवादी) ने भी किसानों की समस्याओं को लेकर आंदोलन करने का ऐलान किया है ।
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने तृणमूल कांग्रेस की ओर से पार्टी के वरिष्ठ नेता डेरेक ओ ब्रायन को कल किसानों से मिलने भेजा था और वह करीब चार घंटे तक किसानों के साथ रहे। इस दौरान सुश्री बनर्जी ने टेलीफोन पर कई किसान नेताओं से बातचीत की और उन्हें हर तरह का समर्थन देने का आश्वासन दिया ।
दिल्ली की सीमा पर किसानों का जमावड़ा बढ़ता ही जा रहा है और वे राष्ट्रीय राजधानी के सभी रास्तों को बंद करने की धमकी भी दे रहे हैं । इस बीच हरियाणा ,पंजाब, उत्तर प्रदेश तथा कई अन्य राज्यों से आंदोलनकारी किसानों को खाने पीने की वस्तुओं की भरपूर मदद की जा रही है । इस आंदोलन को ट्रेड यूनियन संगठनों , ट्रांसपोर्ट यूनियनों तथा कुछ अन्य लोगों का भी समर्थन मिल रहा है ।
