बदायूं: अतिकुपोषित बच्चों की होगी पहचान, मिलेगा विशेष पोषण
बदायूं, अमृत विचार। जिले में कुपोषित बच्चों को पोषित करने के लिए मंगलवार से ग्रोथ मेजरमेंट अभियान की शुरुआत हो गई। बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग द्वारा चलाए जा रहे इस अभियान में आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां 0 से 6 वर्ष तक के कमजोर और कम हाइट वाले बच्चों की पहचान कर उनका वजन और लंबाई मापेंगी। इन आंकड़ों को विभागीय पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा।
अभियान के तहत जिले के 2940 आंगनबाड़ी केंद्रों पर पंजीकृत तीन लाख बच्चों की जांच की जाएगी। इनमें 50 बच्चे कुपोषण से ग्रस्त और 15 हजार बच्चे अतिकुपोषण की श्रेणी में हैं। चिन्हित अतिकुपोषित बच्चों को जिला अस्पताल स्थित पोषण पुनर्वास केंद्र में भर्ती कर विशेष देखभाल दी जाएगी।
समय पर होगा पुष्टाहार वितरण जिला कार्यक्रम अधिकारी पीके सिंह ने मंगलवार को अभियान का शुभारंभ करते हुए सीडीपीओ और सुपरवाइजर को अभियान सफल बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को समय पर लाभार्थियों को पुष्टाहार वितरण के निर्देश भी दिए।
फेस स्क्रीनिंग अनिवार्य
कार्यक्रम अधिकारी ने स्पष्ट किया कि आंगनबाड़ी केंद्रों पर पंजीकृत सभी बच्चों की फेस स्क्रीनिंग अनिवार्य रूप से की जाएगी। स्क्रीनिंग के बाद ही बच्चों को योजना का लाभ मिलेगा। नए लाभार्थियों का पंजीकरण कर तुरंत उनकी स्क्रीनिंग कराना होगा।
जिला स्तर पर वार रूम की व्यवस्था
पीके सिंह ने बताया कि अभियान की निगरानी के लिए जिला स्तर पर वार रूम बनाया गया है। किसी भी समस्या पर अधिकारी सीधे संबंधित बाल विकास परियोजना अधिकारी से संपर्क कर समाधान पा सकेंगे। सभी संबंधित अधिकारियों को आवश्यक प्रशिक्षण दिया जा चुका है।
जिला कार्यक्रम अधिकारी पीके सिंह ने बताया कि ग्रोथ मेजरमेंट अभियान के अंतर्गत आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों द्वारा बच्चों का वजन और लंबाई मापी जा रही है। पूरा डाटा पोषण ट्रैक एप पर अपलोड किया जाएगा। संबंधित निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
