गंगा में छलांग... एक पिता की हार और दो मासूमों की मौत से जूझती उम्मीद

Amrit Vichar Network
Published By Amrit Vichar
On

पारिवारिक कलह में युवक ने दो बेटों संग नदी में लगाई छलांग, वह बचा... मासूम अब भी लापता

वाराणसी, अमृत विचार :  जिले के चिरईगांव ब्लॉक के चांदपुर गांव से सोमवार को एक हृदयविदारक घटना सामने आई, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। पारिवारिक कलह से मानसिक रूप से परेशान पिता ने अपने दो मासूम बच्चों को साथ लेकर गंगा नदी में छलांग लगा दी।

घटना दोपहर करीब 12 बजे की है, जब 30 वर्षीय दुर्गा सोनकर ने अपने बेटों संदीप (7) और आशीष (5) के साथ भवनपुरा पुल, जो कि रिंग रोड पर स्थित है, से कूद कर आत्महत्या का प्रयास किया। ग्रामीणों की तत्परता से दुर्गा सोनकर को तो बचा लिया गया, लेकिन दोनों बच्चे गंगा की धारा में बह गए। चांदपुर गांव में घटना के बाद से सन्नाटा पसरा है। घर में मौजूद मां और अन्य परिजन लगातार बिलख रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि दुर्गा पिछले कुछ समय से घरेलू तनाव में था। 

गोताखोरों की टीम लगातार गंगा में खोजबीन कर रही है। साथ ही प्रशासनिक अधिकारी, पुलिस बल, और स्थानीय लोग भी बच्चों को खोजने में लगे हुए हैं। एनडीआरएफ की टीम घटना के दो घंटे बाद पहुंची, जिससे लोगों में नाराजगी देखी गई। कई लोगों ने आरोप लगाया कि समय पर बचाव कार्य शुरू हो जाता तो शायद बच्चों को बचाया जा सकता था। घटना की जानकारी मिलते ही पूर्व सांसद रामकिशुन यादव मौके पर पहुंचे। उन्होंने प्रशासन से गंगा पुलों पर सुरक्षा बैरिकेडिंग, सार्वजनिक मनोवैज्ञानिक सहायता और जल्द कार्रवाई की मांग की। पूर्व सांसद ने कहा कि “यह केवल एक दुर्घटना नहीं, पूरे समाज के लिए चेतावनी है। प्रशासन को मानसिक तनाव से जूझ रहे लोगों के लिए मदद के केंद्र बनाने चाहिए।”

यह भी पढ़ें:- पहलगाम हमले के पर्दाफाश से सनसनी : “पाकिस्तान से आए थे मौत के सौदागर”

संबंधित समाचार