पीलीभीत रोड सिक्सलेन : 7.40 किमी हिस्से पर खर्च होंगे 216 करोड़
पीलीभीत बाईपास के सीएम की मंजूरी के बाद लोक निर्माण विभाग को अब बजट का इंतजार, पिछले महीने ही शासन को भेजा जा चुका प्रस्ताव
बरेली, अमृत विचार: पीलीभीत बाईपास को सिक्सलेन बनाने के कई साल से लटके प्रोजेक्ट पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ में बुधवार को मुहर लगा दी। अब विभाग को शासन से बजट की स्वीकृति का इंतजार है। इस परियोजना के लिए 216 करोड़ रुपये का प्रस्ताव पिछले महीने ही शासन को भेजा था। अफसर इसे इसी माह मंजूरी मिलने की संभावना जता रहे हैं।
लोक निर्माण विभाग ने साल 2022 में पीलीभीत बाईपास रोड पर सेटेलाइट से बड़ा बाईपास तक 11.32 किलोमीटर सड़क को फोरलेन करने का प्रस्ताव शासन को भेजा था। इसके लिए बजट भी मंजूर हो गया था, लेकिन जनप्रतिनिधियों के सुझाव पर सड़क को सिक्सलेन करने का फैसला लिया गया। इसके लिए दोबारा 301 करोड़ रुपये का प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा गया, लेकिन, शासन ने दोनों में से किसी प्रस्ताव को मंजूरी नहीं दी। इस बीच अधिकारियों की कवायद चलती रही। दो बार फोरलेन और एक बार सिक्सलेन का एस्टीमेट बना, लेकिन नतीजा कुछ नहीं निकला तो 2023 में कमिश्नर सौम्या अग्रवाल के निर्देश पर बीडीए ने बैरियर टू चौकी से बड़ा बाईपास तक सड़क को सिक्सलेन करने के लिए एस्टीमेट बनाकर शासन को भेजा, जिसे मंजूरी मिल गई। इसके बाद तय हुआ कि बैरियर-टू से बड़ा बाईपास तक 3.90 किलोमीटर हिस्से को बीडीए बनाएगा और शेष 7.40 किलोमीटर हिस्से सेटेलाइट से बैरियर-टू तक को पीडब्ल्यूडी सिक्स लेन कराएगा। इसके लिए पिछले महीने ही 216 करोड़ रुपये का एस्टीमेट शासन को भेजा गया था, लेकिन बजट जारी नहीं हो सका था। सीएम से सिक्सलेन के प्रस्ताव पर मुहर लगने के बाद विभाग को कहना है कि अब सिर्फ शासनादेश की औपचारिकता बची है। हरी झंडी मिलते ही टेंडर प्रक्रिया पूरी करते हुए शीघ्र कार्य शुरू करा दिया जाएगा।
सिक्सलेन पर नजर आएगी हरियाली, रोशनी के बीच से गुजरेंगे वाहन
पीडब्ल्यूडी के एक्सईएन भगत सिंह ने बताया कि सिक्सलेन का काम शुरू होने पर पीलीभीत बाईपास मार्ग पर तीन मीटर चौड़ा डिवाइडर बनेगा। इसके बीच पौधे लगाकर हरियाली को बढ़ावा दिया जाएगा। अंडर ग्राउंड केबल डालकर पूरे मार्ग पर रोशनी की जाएगी। यही नहीं, लखनऊ की तर्ज पर मार्ग के दोनों ओर आरसीसी यूटिलिटी ड्रेन बनेगी। इसी ड्रेन में बिजली और संचार सेवाओं से संबंधित केबल सुरक्षित पड़े रहेंगे। यदि कोई फाल्ट होता है तो सड़क खोदने की जरूरत नहीं पड़ेगी। दोनों तरफ एक-एक मीटर चौड़ाई में आरसीसी इंटरलॉक टाइल्स भी लगाई जाएंगी। इस मार्ग पर पड़ने वाली सभी पुलिया भी चौड़ी की जाएंगी।
शहरवासियों को मिलेगी जाम से निजात
सैटेलाइट बस स्टैंड से बड़ा बाईपास के बीच रुहेलखंड विश्वविद्यालय, एयरफोर्स स्टेशन समेत अन्य व्यापारिक प्रतिष्ठान और रामगंगा आवासीय परियोजना इसी परिक्षेत्र में है। मार्ग का चौड़ीकरण न होने से सुगम यातायात में दिक्कत होती है। कुछ स्थानों पर अवैध कब्जे हैं। ऐसे में सेटेलाइट से बड़ा बाईपास तक कई स्थानों पर ट्रैफिक और सकरी सड़क के कारण जाम लगता है, सड़क सिक्सलेन होने के बाद ऐसा नहीं होगा।
दोनों तरफ साढ़े छह मीटर चौड़ी होगी सड़क
अभी यह सड़क फोरलेन है। सिक्सलेन होने के बाद सड़क दोनों साइड से तीन से सवा तीन मीटर तक चौड़ी की जाएगी। इस हिसाब से सिक्सलेन होने पर सड़क को दोनों ओर साढ़े छह मीटर चौड़ा किया जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि सिक्सलेन होने से बरेली-पीलीभीत मार्ग पर शहरीकरण को विस्तार मिलेगा। वहीं, एयर फोर्स स्टेशन और एयरपोर्ट तक आना-जाना आसान हो जाएगा।
सैटेलाइट से बैरियर टू तक सड़क को सिक्सेलन दो पार्ट में किया जाना है। इसमें बैरियर टू चौकी से बड़ा बाईपास तक 3.90 किलोमीटर हिस्से को बीडीए बनाएगा। शेष 7.40 किलोमीटर हिस्से सेटेलाइट से बैरियर-टू तक को पीडब्ल्यूडी सिक्सलेन कराएगा। इसके लिए सीएम मंजूरी दे चुके हैं। अब केवल शासन से बजट को मंजूरी मिलने का इंतजार है। सिक्सलेन बनने से शहर के विकास को भी विस्तार मिलेगा। -भगत सिंह, अधिशासी अभियंता प्रांतीय खंड, पीडब्ल्यूडी।
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