शहर में 18 मीटर चौड़ी सड़कों पर शॉपिंग मॉल, 9 मीटर चौड़ी सड़कों पर बना सकेंगे क्लीनिक-प्राइमरी स्कूल
शहर में 18 मीटर चौड़ी सड़कों पर शॉपिंग मॉल और 9 मीटर चौड़ी सड़कों पर क्लीनिक व प्राइमरी स्कूल के नक्शे पास किये जाएंगे। इससे नये क्षेत्रों के साथ बड़ी आबादी वाले पुराने लखनऊ में नियोजित विकास को बल मिलेगा। बिल्डर छोटे भूखंडों पर नक्शा अनुमोदन कर सकेंगे और ऑनलाइन पंजीकरण से समय और लागत की बचत होगी।
आवासीय भवनों में व्यावसायिक गतिविधियों की अनुमति से लोगों को अधिक आय के अवसर मिलेंगे। अधिक निर्माण क्षेत्र और ऊंचाई की छूट से कम जमीन पर बड़े प्रोजेक्ट्स संभव होंगे। इसके अलावा औद्योगिक इकाइयों और पर्यटन क्षेत्र जैसे होटल, होम स्टे के लिए मानकों में छूट से निवेशक आकर्षित होंगे। होटल, चिकित्सालय और पेइंग गेस्ट सुविधाओं के लिए एनओसी की अनिवार्यता को समाप्त कर दिया गया है।
स्वत: करना होगा ऑनलाइन अनुमोदन
500 वर्ग मीटर तक के आवासीय और 200 वर्ग मीटर तक के व्यावसायिक भवनों के लिए विश्वास-आधारित ऑनलाइन अनुमोदन स्वतः करना होगा। 10 लाख से अधिक जनसंख्या वाले शहरों में 24 मीटर और उससे कम जनसंख्या वाले शहरों में 18 मीटर चौड़ी सड़कों पर आवासीय भवनों में दुकानें, कार्यालय, नर्सरी, क्रेच या होम स्टे जैसे व्यावसायिक उपयोग की अनुमति होगी।
घर के 25 फीसदी हिस्से का उपयोग बिना अलग नक्शा अनुमोदन के पेशेवर कार्यों जैसे डॉक्टर, वकील के लिए किया जा सकेगा, बशर्ते वहां पर पार्किंग की व्यवस्था हो। ग्रुप हाउसिंग के लिए भूखंड क्षेत्रफल 2 हजार वर्ग मीटर से घटाकर एक हजार वर्गमीटर बिल्टअप और 1500 वर्गमीटर नॉन-बिल्टअप किया गया है।
ऊंचाई से हटा प्रतिबंध, शर्तों के साथ एफएआर सीमा भी समाप्त
चौड़ी सड़कों पर फ्लोर एरिया रेशियो (एफएआर) बढ़ाया गया है और 45 मीटर से अधिक चौड़ी सड़कों पर एफएआर की सीमा समाप्त कर दी है। वहीं, भवन की ऊंचाई पर प्रतिबंध हटा दिया गया है। इससे ऊर्ध्वाधर निर्माण को बढ़ावा मिलेगा।
हालांकि, एयरपोर्ट और एएसआई स्मारकों जैसे क्षेत्रों में ऊंचाई पर प्रतिबंध पहले की तरह लागू रहेंगे। ग्रीन-रेटेड भवनों के लिए अतिरिक्त मुफ्त एफएआर की सुविधा प्रदान की जाएगी। इसके अलावा ग्राउंड कवरेज प्रतिबंध समाप्त कर दिया गया है। यानी 15 मीटर से अधिक ऊंचे भवनों के लिए सेटबैक 15 मीटर और 12 मीटर कर सेटबैक नियमों में कमी की गई है। साथ ही पार्किंग व्यवस्था अनिवार्य कर दी है।
कठिनाई का निवारण करेगी समिति
मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक शिकायत निवारण समिति का गठन किया गया है। जो उपविधियों या मॉडल जोनिंग विनियमों में किसी भी अस्पष्टता, चूक, विरोधाभास होने पर समाधान करेगी।
नए नियमों के मुख्य फायदे
- सरलीकरण और तेजी से अनुमोदन
- छूट से निर्माण अनुमति प्रक्रिया तेज और सरल होगी
- ऊंचाई और एफएआर में बढ़ोतरी होगी
- ऊंची बिल्डिंगों को बढ़ावा मिलेगा,
- शहरी विस्तार में वर्टिकल डेवलपमेंट आसान होगा
- भूमि का अधिक प्रभावी उपयोग होगा
- सेटबैक में छूट से निर्माण और विकास की लागत कम होगी
- बेहतर पार्किंग से यातायात व्यवस्थित होगा
- 10 वर्ष में भवनों के संरचनात्मक ऑडिट से सुरक्षा होगी
