लखीमपुर खीरी : लव जिहाद प्रकरण: पुलिस की लापरवाही से भड़का बवाल, कोतवाली का घंटों घेराव
परिजनों ने कहा-बेटी लापता रही, पुलिस सोती रही, विधायक पहुंचे तो शांत हुआ मामला
लखीमपुर खीरी, अमृत विचार। शहर में कथित लव जिहाद के मामले ने सोमवार शाम बड़ा रूप ले लिया। हिंदू संगठनों और परिजनों ने कोतवाली पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया। आरोप है कि पुलिस ने लड़की के लापता होने से लेकर बयान दर्ज होने तक हर कदम पर लापरवाही दिखाई। कई घंटे तक चले घेराव और नोकझोंक के बाद विधायक योगेश वर्मा के हस्तक्षेप से मामला शांत हो सका।
दरअसल दो अगस्त को शहर की एक युवती अचानक लापता हो गई थी। परिजनों ने उसी दिन मोहल्ला थरवरनगंज निवासी समीर अहमद पर बेटी को बहला-फुसलाकर ले जाने का आरोप लगाया। पुलिस को लिखित तहरीर दी, लेकिन मामला दो समुदायों के बीच का होने का बाद भी पुलिस ने कोई गंभीरता नहीं दिखाई। इतना ही नहीं, न तो त्वरित कार्रवाई की और न रिपोर्ट दर्ज की। मामला दो समुदायों से जुड़ा होने के बावजूद पुलिस ने टालमटोल रवैया अपनाया। इस पर परिजन और हिंदू संगठनों के लोग भड़क गए थे और तीन दिन पहले रात में कोतवाली में जमकर हंगामा किया था। अगले दिन सुबह एसपी कार्यालय पर प्रदर्शन कर पुलिस पर लापरवाही के गंभीर आरोप लगाए थे। हिंदू संगठनों ने युवती को शीघ्र बरामद करने और शहर कोतवाल समेत लापरवाह पुलिस वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी।

इस दौरान महिलाओं ने शहर कोतवाल हेमंत राय को खूब खरी खोटी भी सुनाई थी। पुलिस ने पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर रविवार की देर शाम युवती को बरामद कर आरोपी को भी पकड़ लिया। सोमवार को युवती के कोर्ट में 164 के बयान दर्ज कराए गए। आरोप है कि बयान खत्म होने के बाद पुलिस ने परिजनों और वकीलों को जानकारी दिए बिना युवती को चुपचाप कोतवाली ले आई। जब यह खबर फैली तो गुस्सा और भड़क गया। सैकड़ों लोग कोतवाली पहुंच गए और पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कोतवाली से लेकर सड़क तक जमकर हंगामा होता रहा। पुलिस के खिलाफ लोगों में भारी आक्रोश था। हंगामे की सूचना पर सदर विधायक योगेश वर्मा मौके पर पहुंचे। उन्होंने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की। तब जाकर मामला काबू में आया। हिंदू संगठन के पदाधिकारी विनोद गुप्ता ने तीखे शब्दों में कहा मैं किसी भी हाल में लव जिहाद नहीं होने दूंगा। पुलिस जिस तरह मामले को संभाल रही है, वह निंदनीय है।
कोतवाल की भूमिका पर उठाए सवाल
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि कोतवाली पुलिस ने शुरू से ही मामले को हल्के में लिया। पहले रिपोर्ट दर्ज नहीं की, फिर बरामदगी में देर की और अब बयान के बाद लड़की को छुपाने जैसी हरकत कर दी। सवाल यह भी उठ रहा है कि आखिर पुलिस क्यों परिजनों को बेटी से मिलने से रोकती रही।
कड़ा व कलावा पहनकर युवतियों को प्रेम जाल में फंसाता था आरोपी
पुलिस पूछताछ में आरोपी समीर अहमद ने माना कि वह कड़ा और कलावा पहनकर खुद को हिंदू दर्शाता था, ताकि लड़कियों को धोखा देकर अपने जाल में फंसा सके। यह खुलासा पुलिस की जांच पर भी सवाल खड़ा करता है कि आखिर इतने दिन तक यह तथ्य सामने क्यों नहीं आया?
युवती को बरामद करने के बाद उसके 164 के बयान हुए हैं। उसे परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया है। लड़की ने आरोपी के खिलाफ 164 में क्या बयान दिए हैं, इसका अवलोकन किया जाएगा। बयानों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। -पवन गौतम, एएसपी पूर्वी।
