अनामिका शुक्ला प्रकरण: BAS और वित्त लेखाधिकारी समेत 7 के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश
गोंडा, अमृत विचार : जिले के तरबगंज के रामपुर टेंगरहा स्थित भैया चंद्रभानदत्त स्मारक लघु माध्यमिक विद्यालय में नियुक्ति और वेतन भुगतान की अनियमितताओं के मामले में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने बीएसए और वित्त लेखाधिकारी समेत सात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया है।
यह मामला वर्ष 2020 में सामने आया था, जब गोंडा की रहने वाली अनामिका शुक्ला ने आरोप लगाया था कि उसके अभिलेख का दुरुपयोग करके प्रदेश के 25 कस्तूरबा गांधी विद्यालयों में उसके नाम पर फर्जी नियुक्तियाँ करवाई गईं। जांच में पता चला कि अनामिका को 2017 से सहायक अध्यापक के वेतन के रूप में करोड़ों रुपये का भुगतान किया जा चुका है।
नगर कोतवाली क्षेत्र के प्रदीप पांडेय ने इस मामले को लेकर बीएसए और वित्त लेखाधिकारी पर फर्जी वेतन भुगतान का आरोप लगाया। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अमित कुमार द्वितीय ने नगर कोतवाली पुलिस को मामला दर्ज कर जांच करने और 10 दिन में रिपोर्ट प्रस्तुत करने का आदेश दिया है। बीएसए कार्यालय के अतुल तिवारी ने कहा कि मामले की जांच शासन स्तर से शुरू की गई है और अब अदालत के आदेश के बाद विभाग में हड़कंप मचा हुआ है।
मुख्य बिंदु
- एडेड स्कूलों में शिक्षकों की नियुक्ति विद्यालय प्रबंधन करता है।
- बीएसए कार्यालय में नियुक्ति पत्रावली भेजी जाती है, लेकिन अनामिका शुक्ला की वैध नियुक्ति पत्रावली विभाग में मौजूद नहीं।
- वेतन भुगतान सीधे वित्त लेखाधिकारी कार्यालय से संशोधन के जरिए किया गया।
- मामले की जांच अभी जारी है और संबंधित रिपोर्ट 10 दिन में मांगी गई है।
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