पीलीभीत: मंदिर निर्माण को लेकर विवाद, सख्ती के बाद बैकफुट पर प्रदर्शनकारी..हाईवे जाम करने पर नोकझोंक

Amrit Vichar Network
Edited By Pradeep Kumar
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पीलीभीत, अमृत विचार: नकटादाना चौराहा के पास नगर पालिका की जमीन पर मंदिर का निर्माण कार्य शुरू कराए जाने के बाद दिनभर हंगामा चला। शिकायत मिलने पर जब नगर पालिका की टीम ने पहुंचकर काम बंद कराने के लिए कहा तो विभिन्न संगठनों से जुड़े तमाम कार्यकर्ता एकत्र हो गए। ईओ से भी काम बंद न होने की बात कह दी गई। प्रशासनिक अधिकारियों के भी इन्कार करने पर मामला तूल पकड़ गया और सभी हाईवे पर आ गए। मार्ग को अवरुद्ध कर दिया। इस दौरान भारी पुलिस बल के साथ पहुंचे सिटी मजिस्ट्रेट और सीओ से तीखी बहस हुई। अफसर सख्त हुए तो प्रदर्शनकारी तितर-बितर होने में देर न लगी और फिर बैकफुट पर आ गए।  अधिकारियों ने नियमों का हवाला दिया। जिसके बाद मंदिर बनाए जाने की अनुमति के लिए मौके पर ही प्रार्थना पत्र दे दिया गया। फिलहाल निर्माण कार्य को रोकवा दिया गया है।

बता दें कि नकटादाना चौराहा के पास स्थित केजीएन कॉलोनी के भीतर नगर पालिका की जमीन है। इसी पर एक मठिया बनी हुई है। इसे भव्य रुप देते हुए कुछ लोगों ने मंदिर का निर्माण कराने के लिए काम शुरू कराया। इसकी किसी व्यक्ति ने शिकायत की तो ईओ नगर पालिका संजीव कुमार ने टीम भेजकर काम रोकने को कहलवाया। इसके बाद कई लोग मौके पर पहुंच गए। निर्माण कार्य जारी रखने का ऐलान कर दिया गया।  ईओ भी मौके पर पहुंचे तो उनसे भी तीखी नोकझोंक हुई।  ईओ ने दो दिन तक निर्माण न कराने और एक अनुमति के लिए प्रार्थना पत्र की मांग की। मगर, इससे इन्कार कर दिया गया। जिसके बाद सभी एकत्र होकर सिटी मजिस्ट्रेट से मुलाकात करने कलेक्ट्रेट पहुंचे। सिटी मजिस्ट्रेट ने बिना अनुमति धार्मिक स्थल का निर्माण कराने का हवाला देते हुए काम रोकने की बात कह दी। वहां पर भी तीखी नोकझोंक हुई। इसके बाद निर्माण कार्य के समर्थन में जमा हुए सभी लोग वापस आ गए। निर्माण कार्य इसके बाद भी जारी रहा। फिर कोतवाल राजीव कुमार सिंह, इंस्पेक्टर सुनगढ़ी पवन कुमार पांडेय फोर्स के साथ पहुंचे और अधिकारियों के आदेश का हवाला देकर काम बंद करा दिया। इससे गुस्सा कर सभी लोग टनकपुर हाईवे पर जाम लगाने के लिए पहुंच गए।

केजीएन कॉलोनी के मुख्य गेट को कार व बाइक लगाकर बंद कर दिया गया। इसके बाद हाईवे पर दरी बिछा दी गई और रस्सी बांध दी। कुछ ही देर में वाहनों की कतार लग गई। चंद मिनट बाद ही पहले सीओ सिटी दीपक चतुर्वेदी, फिर सिटी मजिस्ट्रेट विजय वर्धन तोमर, एसडीएम सदर श्रद्धा सिंह समेत कई अधिकारी मौके पर आ गए। सीओ ने जाम खोलने की बात कही तो पहले मना कर दिया। फिर अधिकारी सख्त हुए और फोर्स बढ़ी तो प्रदर्शनकारी इधर-उधर, दूर जाकर खड़े हो गए। निर्माण कराने वाले पुजारी समेत महज दो से तीन लोग दरी बिछाकर हाईवे पर बैठे रहे। जिनसे अधिकारियों की नोकझोंक हुई। पुलिस ने आसपास खड़ी भीड़ को खदेड़ा तो प्रदर्शन को जमा हुए अन्य लोग ही पुजारी समेत अन्य तीन लोगों को मनाकर उठाकर साइड में ले गए और जाम खुलवा दिया।   निर्माण कार्य भी अधिकारियों ने रोकवा दिया है।  इसके बाद एक प्रार्थना पत्र देकर उक्त स्थान पर मंदिर बनाने के लिए अनुमति मांगी गई है।  सुबह दस बजे से लेकर शाम चार बजे तक प्रकरण को लेकर खलबली मची रही। इस दौरान एक ई-रिक्शा भी पलट गया था। जिसके बाद पुलिस प्रशासन एक्शन में आया। 

बिना अनुमति नगर पालिका की जमीन पर धार्मिक स्थल का निर्माण कुछ लोग करा रहे थे। इसकी सूचना मिलने पर मौके पर गए थे।  फिलहाल काम को रोकवा दिया गया है। नियमानुसार कार्रवाई के लिए कहा है। - विजय वर्धन तोमर, सिटी मजिस्ट्रेट।

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