हिमाचल में छात्र संघ चुनाव पर रोक, बोले शिक्षा मंत्री- परिसरों में हिंसा की आशंका बनी वजह
शिमला। हिमाचल प्रदेश के शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने विधानसभा में स्पष्ट किया कि राज्य के विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में छात्र संघ चुनाव अभी शुरू नहीं होंगे। उन्होंने कहा कि सरकार भविष्य में ‘छात्र केंद्रीय संघ’ (एससीए) के चुनावों पर विचार कर सकती है। यह बयान भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) विधायक विपिन सिंह परमार के निजी प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान आया। ठाकुर ने बताया कि छात्र संघ चुनावों के दौरान परिसरों में हिंसक माहौल बनने की आशंका के कारण इस मुद्दे पर गहन विचार-विमर्श की जरूरत है।
परमार ने अपने प्रस्ताव में कहा कि छात्र राजनीति से ही 80 प्रतिशत नेता उभरे हैं और एससीए चुनाव भावी नेताओं को तैयार करने का मंच प्रदान करते हैं। उन्होंने जोर दिया कि भारत की 65 प्रतिशत से अधिक आबादी 35 वर्ष से कम उम्र की है, इसलिए युवाओं को राजनीतिक गतिविधियों और चुनावों में हिस्सा लेने का मौका मिलना चाहिए।
तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी ने भी इस चर्चा में हिस्सा लेते हुए कहा कि छात्रों का राजनीति में भाग लेना गलत नहीं है, लेकिन कॉलेज परिसरों में हिंसा को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।
भाजपा विधायक विनोद कुमार ने छात्र संघ चुनावों का समर्थन करते हुए कहा कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा और पूर्व मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर जैसे दिग्गज नेता छात्र राजनीति से ही उभरे हैं। वहीं, कांग्रेस विधायक केवल सिंह पठानिया ने माना कि सदन के अधिकांश सदस्यों का आधार छात्र राजनीति रहा है, लेकिन उन्होंने परिसरों को हिंसा से मुक्त रखने की आवश्यकता पर जोर दिया।
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