बाराबंकी में दोस्त की आत्महत्या से टूटे युवक ने भी फंदा लगाकर दी जान, मां अस्पताल में भर्ती
बाराबंकी, अमृत विचार : जिले के लोनीकटरा थाना क्षेत्र के लक्ष्मणपुर गांव में एक ही परिवार और मोहल्ले पर गम का पहाड़ टूट पड़ा। एक दिन पहले जिगरी दोस्त शशांक की आत्महत्या से गहरे सदमे में आए उसके साथी आशुतोष दीक्षित (31) ने भी शुक्रवार सुबह फंदा लगाकर अपनी जान दे दी। आशुतोष का शव घर के कमरे में कपड़े की रस्सी के सहारे पंखे से लटका मिला। परिजन तुरंत उसे सीएचसी त्रिवेदीगंज ले गए, लेकिन डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
दोस्ती की मिसाल बनी लेकिन नशे की लत ने बिगाड़ा हाल : गांव में शशांक और आशुतोष की गहरी दोस्ती चर्चा का विषय थी। दोनों न सिर्फ एक-दूसरे के जिगरी दोस्त थे, बल्कि नशे के भी आदी थे। बुधवार को शशांक ने परिजनों से कहासुनी के बाद फंदा लगा लिया था। उसके मौत की खबर ने गांव को झकझोर दिया। शशांक की मौत के बाद उसकी मां विजयलक्ष्मी दीक्षित को सदमे में हार्ट अटैक आ गया। उन्हें लखनऊ के अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी हालत अभी स्थिर बताई जा रही है।
“अब जिंदा रहकर क्या करूंगा” : गुरुवार की शाम परिजनों ने आशुतोष को नशे की हालत में घर लाया। उस वक्त उसने कहा था कि “मेरा दाहिना हाथ, मेरा दोस्त शशांक अब नहीं रहा। अब मैं भी जिंदा रहकर क्या करूंगा।” उसकी यह बात अब गांवभर में चर्चा का विषय बनी हुई है।
परिजनों में कोहराम, पुलिस कर रही जांच : आशुतोष की मौत की खबर से परिजनों में कोहराम मच गया। गांव में गम का माहौल है। थानाध्यक्ष अभय कुमार मौर्य ने बताया कि मामला आत्महत्या का है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद स्थिति और स्पष्ट होगी।
अलमारी में छिपे सांप ने युवक को डसा, मौत
क्षेत्र के मोहनपुर मजरे मचौटी में गुरुवार शाम एक दर्दनाक हादसे में अलमारी में छिपे सांप ने 25 वर्षीय युवक को डस लिया। परिजन इलाज के लिए लखनऊ ले जा रहे थे, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई।
जानकारी के मुताबिक आकाश घर की अलमारी से सामान निकालने के लिए हाथ बढ़ा रहा था। तभी भीतर बैठे सांप ने उसकी उंगली में काट लिया। घटना के बाद परिजन घबराकर तुरंत उसे लेकर लखनऊ रवाना हुए, लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले ही उसकी मौत हो गई।
पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। उपनिरीक्षक दशरथ यादव ने बताया कि आकाश चार भाइयों में सबसे बड़ा था और मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करता था। करीब दो साल पहले उसकी शादी हुई थी। अचानक हुए इस हादसे से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
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