बाराबंकी: धर्मांतरण मामले में बैकफुट पर देवा पुलिस, रिपोर्ट दर्ज कर तीन आरोपियों को किया आरेस्ट
एक दिन पहले घटना को फर्जी बताती रही पुलिस
देवा/बाराबंकी, अमृत विचार। एक दिन पहले युवती के धर्मांतरण के प्रयास की घटना को फर्जी साबित करने में जुटी कोतवाली पुलिस अचानक बैकफुट पर आ गई। रात भर में जाने क्या हुआ कि शुक्रवार को पुलिस ने युवती के भाई की तहरीर पर कई गंभीर धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर आरोपियों को ढूंढ निकाला वहीं कस्टडी में मौजूद युवती को मेडिकल के लिए भी भेज दिया।
बताते चलें कि देवा क्षेत्र के एक गांव निवासी अनुसूचित जाति के युवक ने 14 अगस्त को पुलिस को दी गई तहरीर में आरोप लगाया था कि उसकी 23 वर्षीय बहन को गांव के ही शानू, गुफरान, जावेद और जब्बार अपने साथ पहले बलरामपुर छांगुर बाबा के अड्डे पर ले गए थे। यहां पर आरोपियों ने उस पर धर्म परिवर्तन का दबाव बनाया। जब वह नहीं मानी तो उसे शानू के साथ मुंबई भेज दिया गया, जहां उसे प्रताड़ित कर जबरन धर्म बदलवाने की कोशिश की जा रही थी।
पीड़िता ने किसी तरह मोबाइल फोन से अपने भाई को कॉल कर जानकारी दी। इस पर भाई के साथ गई पुलिस मुंबई जाकर युवती को अपने साथ ले आई लेकिन आरोपी नहीं मिले। पीड़िता ने अपने भाई को बताया कि आरोपी उसे बंधक बनाए रखते, विरोध करने पर मारपीट करते, धमकी देते थे कि यदि धर्म परिवर्तन नहीं किया तो खाड़ी देश भेज देंगे। इस मामले पर कोतवाल से बात की गई तो उन्होने साफ कहा कि सभी आरोप गलत हैं, आरोपी युवक युवती के घर में रहता और घर का खर्च चलाता था।
धर्मांतरण जैसी बात फर्जी है। उधर रात भर में पुलिस बैकफुट पर आ गई, शुक्रवार को नजारा बदला हुआ था। कोतवाल अजय कुमार त्रिपाठी ने बताया कि युवती के भाई की तहरीर पर धर्मांतरण व एससी-एसटी एक्ट समेत कई गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। पीड़िता का मेडिकल परीक्षण कराने के साथ ही मामले की जांच की जा रही है।
