रसायन और पेट्रोरसायन क्षेत्र में सुरक्षा की नई पहल, LUCKNOW में प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित
लखनऊ, अमृत विचार। औद्योगिक सुरक्षा को नई दिशा देने की शुरुआत हो गई है। यह शुरुआत भारत सरकार के विकसित भारत @2047 विजन के तहत की गई है। 100 दिवसीय कार्ययोजना के तहत रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय के रसायन एवं पेट्रोरसायन विभाग की ओर से इस मिशन के तहत सुरक्षा मानकों को मजबूत बनाने के लिए विशेष पहल शुरू की गई है। जिसमें विभाग की ओर से 21–22 अगस्त को “रासायनिक एवं पेट्रोरसायन औद्योगिक सुरक्षा” विषय पर लखनऊ स्थित सिपेट, आईपीटी में दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया है।
प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्घाटन सिपेट महानिदेशक प्रो. (डॉ.) शिशिर सिन्हा ने किया। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश स्किल डेवलपमेंट मिशन के निदेशक पुलकित खरे, ईएचएस, कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व एवं जैव विविधता के सलाहकार डॉ. वाई.के. सक्सेना, सिपेट मुख्यालय चेन्नई से डॉ. विशाल वर्मा और सिपेट लखनऊ के प्रमुख विवेक कुमार उपस्थित रहे। प्रशिक्षण कार्यक्रम में 100 से अधिक प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया, जो अलग-अलग औद्योगिक इकाइयों से आए थे। इनमें कई मुख्य दुर्घटना जोखिम (MAH) इकाइयाँ भी शामिल थीं।
बताया जा रहा है कि प्रशिक्षण कार्यक्रम में 12 तकनीकी सत्र आयोजित किए गए, जिनमें औद्योगिक सुरक्षा विनियम, जोखिम मूल्यांकन, आपातकालीन तैयारी और उन्नत सुरक्षा तकनीकों पर विस्तार से चर्चा हुई। प्रशिक्षण कार्यक्रम का सबसे अहम हिस्सा मॉक ड्रिल रहा है। जिसमें आपातकालीन प्रतिक्रिया तंत्र को लाइव दिखाया किया गया। खास बात यह रही कि प्रतिभागियों को संकट की घड़ी में सुरक्षा प्रोटोकॉल को व्यावहारिक रूप से लागू करने का सटीक और बेहतरीन अनुभव मिला है।
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